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BBC: बीबीसी में बगावत! सरकार की आलोचना पर स्टार एंकर निलंबित, साथियों ने काम करने से किया इनकार

Sun, 12 Mar 2023 10:48 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 12 Mar 2023 10:48 AM IST
सार

गैरी लिनेकर के समर्थन में बीबीसी के कई अन्य एंकर्स ने भी काम करने से इनकार कर दिया। जिसके चलते बीबीसी का शनिवार को प्रसारण प्रभावित हुआ। 

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BBC row over presenter gary lineker many refuse to work britain migration policy
बीबीसी एंकर गैरी लिनेकर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ब्रिटेन में बीबीसी को बगावत का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल बीबीसी के स्टार एंकर गैरी लिनेकर ने सरकार की प्रवासी नीति की आलोचना की। जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। गैरी लिनेकर के निलंबन से नाराज बीबीसी कर्मचारियों ने लिनेकर के समर्थन में काम करने से इनकार कर दिया। इसके चलते बीबीसी को शनिवार को अपनी स्पेशल प्रोग्राम का प्रसारण रद्द करना पड़ा। 

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जानिए क्या है मामला
गैरी लिनेकर इंग्लैंड की फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और बीबीसी के सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले स्पोर्ट्स एंकर हैं। गैरी लिनेकर मैच ऑफ द डे नामक फुटबॉल हाईलाइट्स दिखाने वाले कार्यक्रम के एंकर हैं। आरोप है कि गैरी लिनेकर ने हाल ही में अपने ट्विटर अकाउंट पर ब्रिटिश सरकार की नई प्रवासी नीति का विरोध किया था। इसके चलते गैरी लिनेकर को निलंबित कर दिया गया। गैरी लिनेकर के समर्थन में बीबीसी के कई अन्य एंकर्स ने भी काम करने से इनकार कर दिया। जिसके चलते बीबीसी का शनिवार को प्रसारण प्रभावित हुआ। 
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बीबीसी के इस फैसले की आलोचना हो रही है और लोग कह रहे हैं कि बीबीसी ने सरकार के आगे घुटने टेक दिए। मामला बढ़ने के बाद बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टिम डेवी ने कहा कि इस मामले को लेकर उनका इस्तीफा देने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि हम बीबीसी में निष्पक्षता से काम करते हैं और किसी विचारधारा या पार्टी का समर्थन नहीं करते हैं। टिम डेवी ने ये भी कहा कि वह चाहते हैं कि गैरी लिनेकर काम पर वापस लौटें और वह इस पर विचार कर रहे हैं कि एक ऐसा संतुलन बनाया जाए, जिससे कुछ एंकर्स अपने विचार भी साझा कर सकें और बीबीसी की निष्पक्षता भी कायम रहे। 

बता दें कि ब्रिटेन की ऋषि सुनक सरकार ने बीते दिनों संसद में प्रवासी नीति पर नया बिल पेश करने की बात कही थी। इस बिल के तहत ब्रिटिश सरकार इंग्लिश चैनल के द्वारा नौकाओं से आने वाले अवैध शरणार्थियों पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। इसे लेकर सरकार को विरोध भी झेलना पड़ रहा है। बीबीसी विवाद पर प्रधानमंत्री सुनक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बीबीसी और लिनेकर मिलकर इस मुद्दे को सुलझा लेंगे। 

लिनेकर को मिला खिलाड़ी और सितारों का समर्थन
इंग्लिश प्रीमियर लीग के ज्यादातर खिलाड़ी और बीबीसी के प्रस्तुतकर्ता लिनेकर के समर्थन में लामबंद हो गए हैं। बीबीसी के प्रबंधन पर आरोप लग रहे हैं कि राजनीतिक रूप से पक्षपाती रिपोर्टिंग को बढ़ावा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया जा रहा है। लिनेकर प्रकरण के बाद बीबीसी के ज्यादातर खेल प्रस्तुतकर्ताओं ने बीबीसी के शो प्रस्तुत करने से इन्कार कर दिया। ईंग्लैंड की फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान रह चुके लिनेकर ने पिछले सप्ताह मैच ऑफ द डे के दौरान शरणार्थी कानून का समर्थन करने वाले नेताओं की तुलना जर्मन नाजी नेताओं से की थी। बीबीसी के ज्यादातर प्रस्तुतकर्ता लिनेकर के समर्थन में हैं। 

राजनीतिक रस्साकशी भी जारी
लिनेकर विवाद में जहां सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के तमाम सांसद व सदस्य बीबीसी का बचाव कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ विपक्षी लेबर पार्टी के नेता इसे बीबीसी पर सरकारी दबाव और अभिव्यक्ति की आजादी का हनन बता रहे हैं। लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर ने कहा कि गैरी लिनेकर के बारे में शिकायत करने वाले टोरी सांसदों के सामने झुककर बीबीसी ने साफ कर दिया है कि वह निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहा है। बीबीसी के पूर्व महानिदेशक रहे ग्रेग डायक ने कहा कि लिनेकर को निलंबित कर बीबीसी ने गलती की है। लिनेकर के साथ सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर समझदारी भरा समझौता करना था।
बीबीसी प्रस्तुतकर्ताओं से निष्पक्षता की उम्मीद
उन्होंने कहा कि वे लिनेकर को फिर से बीबीसी के लिए खेल प्रसारण के प्रस्तुतकर्ता के तौर पर देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बीबीसी प्रस्तुतकर्ताओं से निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है। लिनेकर को इस संतुलन के बारे में समझना चाहिए। दूसरी तरफ ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक शनिवार को सरकार की नई शरणार्थी नीति का बचाव करते हुए कहा कि यह ब्रिटेन के हित में जरूरी है।

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