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BBC Documentary: PM मोदी पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर क्यों हो रहा बवाल? जानें मामले में अब तक क्या-क्या हुआ

Tue, 24 Jan 2023 11:44 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/लंदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/लंदन Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 24 Jan 2023 11:44 PM IST
सार

ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों की इस पर क्या राय है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी ने भी ये डॉक्यूमेंट्री क्यों बनाई? ब्रिटेन की सरकार ने इस पूरे मसले पर क्या कहा? भारत सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही? आइए समझते हैं... 

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BBC Documentary On PM Narendra Modi Big Conspiracy Against Britain Prime Minister Rishi Sunak Know All About
बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर विवाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू (JNU) में पीएम मोदी पर बनी BBC की विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर जमकर बवाल हुआ। इस दौरान छात्रों के गुटों की ओर से पथराव होने के आरोप भी लगाए। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक कोई बयान जारी नहीं किया गया। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ब्रिटेन की मीडिया कंपनी बीबीसी ने विवादित डॉक्यूमेंट्री पर शुरू से ही सवाल खड़े हो रहे हैं। इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों में भी आक्रोश है। लोग इसे बड़ी साजिश का हिस्सा बता रहे हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री तक इस मामले में सफाई दे चुके हैं। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी ने भी ये डॉक्यूमेंट्री क्यों बनाई? ब्रिटेन की सरकार ने इस पूरे मसले पर क्या कहा? भारत सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही?...

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पहले जान लीजिए बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में है क्या? 
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर बीबीसी ने India: The Modi Question शीर्षक से दो पार्ट में एक नई सीरीज बनाई है। इसका पहला पार्ट मंगलवाल को जारी किया गया है। इस सीरीज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुरुआती दौर के राजनीतिक सफर पर बातें की गईं हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ उनके जुड़ाव, भाजपा में बढ़ते कद और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति की चर्चा भी इसमें की गई है। पूरे सीरीज में सबसे ज्यादा चर्चा मोदी के मुख्यमंत्री रहते गुजरात में हुए दंगों का किया गया है। भारत में ये सीरीज नहीं प्रसारित हुई, लेकिन लंदन समेत दुनिया के कई देशों में इसे बीबीसी ने चलाया। इसी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसका दूसरा पार्ट 24 जनवरी को रिलीज किया जाना था। 
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ब्रिटेन में डॉक्यूमेंट्री पर क्या हो रहा? 
ब्रिटेन में बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री का जोरदार विरोध शुरू हो गया है। बीबीसी के खिलाफ बड़ी संख्या में भारतीय लोगों ने ऑनलाइन याचिकाएं दायर की हैं। इसके अलावा ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के लोग अब बीबीसी के सब्सक्रिप्शन को भी कैंसिल करवा रहे हैं। 
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बड़ी संख्या में भारतीय और ब्रिटिश संस्थानों ने बीबीसी के मैनेजमेंट और संपादक को पत्र लिखकर भी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि बीबीसी जानबूझकर भारत और ब्रिटेन को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। बीबीसी की सोच पक्षपातपूर्ण है। 'द रीच इंडिया' ऑर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष गायत्री ने कहा था कि अगर 24 जनवरी को पीएम मोदी से जुड़ी इस डॉक्यूमेंट्री का दूसरा पार्ट आया तो लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। 
 
ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों का क्या कहना है? 
इसके लिए हमने लंदन में भारतीय समुदाय के हक की लड़ाई लड़ने वाली 'द रीच इंडिया' ऑर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष गायत्री से बात की। गायत्री लंदन में साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में कंसलटेंसी के लिए भी काम करती हैं। उन्होंने कहा, 'बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ऐसे वक्त आई है, जब ब्रिटेन में पहली बार किसी भारतीय मूल के व्यक्ति को प्रधानमंत्री चुना गया है। जब ऋषि प्रधानमंत्री चुने गए थे, तब ब्रिटेन कई तरह की समस्याओं से घिरा था। एक तरफ रूस-यूक्रेन युद्ध चल रहा था तो दूसरी ओर देश में आर्थिक संकट का दौर था। ऋषि ने इन समस्याओं से निपटने के लिए कई तरह के ठोस कदम उठाए। अब हालात सामान्य होने लगे हैं। ऋषि के आने के बाद भारत और ब्रिटेन के रिश्ते और अधिक मजबूती की ओर बढ़ने लगे हैं। यही बात कई लोगों को रास नहीं आ रही है। यही कारण है कि हिंदू और भारत विरोधी ताकतें किसी न किसी तरह से ऋषि सुनक की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं।' गायत्री तीन बिंदुओं में बीबीसी की डॉक्यूमेंटी को बड़ी साजिश का हिस्सा बताती हैं। 
 
1. ब्रिटेन की ऋषि सुनक सरकार को अस्थिर करने की साजिश: गायत्री कहती हैं, 'ब्रिटेन में लंबे समय के बाद ऋषि सुनक की अगुआई में स्थिरता आई है। ऋषि ने देश को कई तरह की संकट से उबारने का काम किया है तो वह सीधे तौर पर उनपर निशाना नहीं साध सकते। ऐसे में विपक्षी दल ने ये तरीका अपनाया है। बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री का ब्रिटेन की संसद में मुद्दा उठाने वाला पाकिस्तानी मूल का सांसद लेबर पार्टी से है। ऐसे में साफ है कि लेबर पार्टी और बीबीसी के इस डॉक्यूमेंट्री का निशाना भारतीय प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक हैं। वह इसके जरिए यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि हिंदु असहिष्णु है।'
 
2. भारत-ब्रिटेन ट्रेड डील निशाने पर: गायत्री कहती हैं, ‘भारत और ब्रिटेन के बीच एक बड़ी ट्रेड डील होने वाली है। संभव है कि बीबीसी ने अपनी इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए उस ट्रेड डील में ही रुकावट डालने की कोशिश की हो। अगर ये डील हो जाती है तो इससे दोनों ही देशों को फायदा होगा। ऐसे में जानबूझकर इस तरह की डॉक्यूमेंट्री करवाई गई हो।  
 
3. ISIS आतंकी को हीरो और प्रधानमंत्री को बदनाम किया: गायत्री के अनुसार, बीबीसी की सोच पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि, कुछ समय पहले ही इन्होंने आतंकी संगठन ISIS के एक आतंकवादी की पत्नी शमीमा बेगम का इंटरव्यू किया था। इस इंटरव्यू में बीबीसी ने आतंकी संगठन ISIS के बारे में काफी पॉजिटिव चीजें दिखाई हैं। इसमें शमीमा बेगम को एक बेसहारा के तौर पर प्रजेंट किया गया। दिखाया गया है कि ISIS की खराब हालत के बाद कैसे शमीमा वापस ब्रिटेन आ गई। और दूसरी तरफ एक डॉक्यूमेंट्री के जरिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के प्रधानमंत्री के चरित्र को खराब करने की कोशिश की गई।  
 
ब्रिटेन में विरोध तेज, बीबीसी के खिलाफ कई याचिकाएं दायर हुईं, सब्सक्रिप्शन भी कैंसिल हो रहे
ब्रिटेन में बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री का जोरदार विरोध शुरू हो गया है। बीबीसी के खिलाफ बड़ी संख्या में भारतीय लोगों ने ऑनलाइन याचिकाएं दायर की हैं। इसके अलावा ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के लोग अब बीबीसी के सब्सक्रिप्शन को भी कैंसिल करवा रहे हैं। 

बड़ी संख्या में भारतीय और ब्रिटिश संस्थानों ने बीबीसी के मैनेजमेंट और संपादक को पत्र लिखकर भी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि बीबीसी जानबूझकर भारत और ब्रिटेन को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। बीबीसी की सोच पक्षपातपूर्ण है। 'द रीच इंडिया' ऑर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष गायत्री कहती हैं कि 24 जनवरी को पीएम मोदी से जुड़ी इस डॉक्यूमेंट्री का दूसरा पार्ट आने के बाद लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी करेंगे। 
 
भारतीय विदेश मंत्रालय ने सीरीज पर क्या कहा था?
बीबीसी द्वारा रिलीज डॉक्यूमेंट्री को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमें लगता है कि यह एक प्रोपोगेंडा का हिस्सा है। इसकी कोई वस्तुनिष्ठता नहीं है। उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि 'ध्यान दें कि इसे भारत में प्रदर्शित नहीं किया गया है।' 

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हमें लगता है कि यह एक प्रचार सामग्री है, जिसे एक विशेष कहानी को आगे बढ़ाने के लिए बनाया गया है। इसमें पूर्वाग्रह, निष्पक्षता की कमी और औपनिवेशिक मानसिकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म या डॉक्यूमेंट्री उस एजेंसी और व्यक्तियों का एक प्रतिबिंब है जो इस कहानी को फिर से फैला रहे हैं ।

डॉक्यूमेंट्री सीरीज में ब्रिटेन के पूर्व सचिव जैक स्ट्रॉ द्वारा की गई टिप्पणियों का जिक्र करते हुए बागची ने कहा कि ऐसा लगता है कि वह (जैक स्ट्रॉ) ब्रिटेन की कुछ आंतरिक रिपोर्ट का जिक्र कर रहे हैं। मैं उस तक कैसे पहुंच सकता हूं? यह 20 साल पुरानी रिपोर्ट है।
 
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने क्या कहा था? 
गुरुवार को पाकिस्तान मूल के लेबर पार्टी के सांसद इमरान हुसैन ने ब्रिटेन की संसद में इसका मुद्दा उठाया था। इसके बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी का बचाव किया। उन्होंने कहा था कि वह अपने भारतीय समकक्ष के चरित्र चित्रण से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस पर यूके सरकार की स्थिति स्पष्ट और लंबे समय से चली आ रही है और बदली नहीं है। आगे सुनक ने कहा, 'निश्चित रूप से हम उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करते हैं, चाहे यह कहीं भी हो, लेकिन मैं उस चरित्र-चित्रण से बिल्कुल सहमत नहीं हूं, जो नरेंद्र मोदी को लेकर सामने रखा गया है।'

 
बीबीसी ने क्या सफाई दी थी?  
उधर शुक्रवार को बीबीसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपनी विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री का बचाव किया था। बीबीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह एक 'गंभीरता से शोध की गई' डॉक्यूमेंट्री है जिसमें अहम मुद्दों को उजागर करने की कोशिश की गई है। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'डॉक्यूमेंट्री पर उच्चतम संपादकीय मानकों के अनुसार गहन शोध किया गया था।'

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