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बैंक घोटाले ने छीनी राष्ट्रपति की कुर्सी: सैंटियागो पेना पर महाभियोग, नजरबंद हुए; पेड्रो ने संभाली सत्ता

Sun, 08 Nov 2026 05:51 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 08 Nov 2026 05:51 AM IST
सार

पराग्वे में बड़े बैंक घोटाले के बाद राजनीतिक संकट गहरा गया है। संसद के उच्च सदन सीनेट में 45 में से 44 सदस्यों ने राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को पद से हटाने के पक्ष में मतदान किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना ने नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। पूर्व राष्ट्रपति को नजरबंद कर दिया गया है और उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

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Bank scandal costs president his seat Santiago Pena faces impeachment house arrest Pedro takes power
सैंटियागो - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पराग्वे की संसद (सीनेट) ने बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को पद से हटा दिया है। प्रमुख बैंक के डूबने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद उन पर महाभियोग चलाया गया।

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44 सांसदों ने महाभियोग के पक्ष में किया मतदान सीनेट में हुए मतदान में 45 में से 44 सदस्यों ने राष्ट्रपति को हटाने के पक्ष में वोट दिया। इस फैसले के तुरंत बाद उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना ने देश के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। फिलहाल केंद्रीय बैंक ग्राहकों के पैसों की सुरक्षा की गारंटी के तहत राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है, जबकि देश इस बड़े वित्तीय और राजनीतिक संकट से उबरने की कोशिश में जुटा है।
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पूर्व राष्ट्रपति पर कानूनी शिकंजा, किए गए नजरबंद
मामले की गंभीरता को देखते हुए महान्यायवादी ने तीन आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। महाभियोग के साथ ही पूर्व राष्ट्रपति की कानूनी सुरक्षा समाप्त हो गई है। अभियोजक के अनुसार, उन्हें फिलहाल नजरबंद रखा गया है और अदालत आगे की हिरासत तय करेगी। उन पर कर्तव्यों का उल्लंघन करने और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
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बैंक घोटाले से जनता में भारी आक्रोश
यह पूरा विवाद यूएनओ बैंक के अचानक बंद होने के बाद शुरू हुआ। इस बैंक के साथ पूर्व राष्ट्रपति के व्यावसायिक संबंध बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया कि बैंक का वित्तीय संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका था, जिसके कारण लाखों ग्राहकों के खाते जम गए। 61 लाख की आबादी वाले इस देश में इस बैंक के करीब 29 लाख ग्राहक थे। बैंक में सरकारी संस्थानों के करोड़ों रुपये लगाए गए थे। बैंक बंद होने की

खबर से देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लग गईं।

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44 साल की उम्र में बने थे सबसे युवा राष्ट्रपतियों में शामिल
सैंटियागो ने सत्ता बचाने के प्रयास के तहत पहले अपने पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की थी, ताकि देश में शांति बनी रहे। हालांकि, इसके बावजूद संसद ने महाभियोग की प्रक्रिया पूरी की। वह वर्ष 2023 में 44 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा राष्ट्रपतियों में से एक बनकर सत्ता में आए थे। वह अमेरिका के साथ मजबूत संबंधों के पैरोकार थे।

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