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बैंक लूट में कोर्ट ने सुनाई 12 साल की सजा, तो पांच दिन तक देता रहा समापन भाषण
Thu, 10 Oct 2019 05:09 AM IST
देव कश्यप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 10 Oct 2019 05:09 AM IST
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Michael Jauernik
- फोटो : CNN
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जर्मनी के हैम्बर्ग में एक बैंक लुटेरे को जिला अदालत ने साढ़े बारह साल जेल की सजा सुनाई। सजा सुनाने के बाद दोषी 71 वर्षीय माइकल जौर्निक ने अपने कानूनी अधिकार 'अंतिम शब्द' का इस्तेमाल करते हुए अदालत में पांच दिनों तक भाषण दिया।
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जर्मनी के हैम्बर्ग की एक जिला अदालत ने माइकल जौर्निक को तीन बैंक डकैतियों, हत्या के प्रयास और हथियार कानून के उल्लंघन मामले में दोषी ठहराते हुए 12 साल छह महीने की सजा सुनाई। जर्मनी के कानून के तहत, एक प्रतिवादी को फैसले के बाद 'अंतिम शब्द' रखने का अवसर दिया जाता है। प्रतिवादी आम तौर पर पछतावा दिखाने के लिए समय का उपयोग करते हैं, या कुछ भी नहीं कहते हैं।
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एक अंग्रेजी समाचार नेटवर्क के मुताबिक चश्मा लगाकर अदालत में उपस्थित होने वाले जौर्निक ने कथित रूप से अयोग्य जांचकर्ताओं के बारे में तर्क दिया और दावा किया कि उन्हें अपने कानूनी जानकारों से अधिक कानूनी जानकारी है। जौर्निक के भाषण में पांच दिन का समय लगा, इसकी पुष्टि अदालत के प्रेस कार्यालय के एक सूत्र ने की।
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फैसले में कहा गया है कि, 71 वर्षीय जौर्निक ने सुनवाई के दौरान लगातार न्यायाधीश को बाधित किया। 1970 और 1980 के दशक में बैंक डकैतियों की लगातार घटना के लिए जौर्निक को पहले भी सजाएं दी गई हैं और 1990 में हैम्बर्ग की फुहल्सब्यूटेल जेल में पांच दिनों कैदियों ने जो दंगा किया था उसका नेतृत्व भी जौर्निक ने किया था। जौर्निक के वकील, जोहान्स राउवल्ड, ने जर्मन मीडिया को बताया कि उनके मुवक्किल सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे।