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विरोध ताक पर रख बांग्लादेश ने 2000 रोहिंग्या शरणार्थियों को नए द्वीप में भेजा
Mon, 15 Feb 2021 10:00 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 15 Feb 2021 10:00 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Malaysian Maritime Enforcement Agency
बांग्लादेश ने करीब 2000 रोहिंग्या शरणार्थियों को नए द्वीप भासन छार भेजा है। ये अब तक कॉक्स बाजार के शरणार्थी शिविरों में रह रहे थे। सरकार के इस कदम का मानवाधिकार संगठनों ने विरोध किया है, जबकि सरकार ने बचाव किया है।
बांग्लादेश सरकार ने कहा कि भासन छार द्वीप पर शरणार्थियों के लिए अच्छे प्रबंध किए गए हैं। यह द्वीप बेहतर रहवास सुविधा की दृष्टि से विकसित किया गया है। दिसंबर में नए द्वीप में शरणार्थी भेजने का सिलसिला शुरू हुआ था। इसके बाद से अब तक 7000 से ज्यादा रोहिंग्या को वहां भेजा जा चुका है।
बंगाल की खाड़ी में है यह द्वीप
बांग्लादेश के अधिकारियों ने म्यांमार से आए रोहिंग्याओं के चौथे दल को सोमवार को बंगाल की खाड़ी में विकसित इस नए द्वीप पर भेजा, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से यह प्रक्रिया रोकने की मांग की थी। भासन छार द्वीप में एक लाख शरणार्थियों को बसाने की योजना है। बता दें म्यांमार में संघर्ष के बाद 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या भागकर बांग्लादेश पहुंचे हैं।
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बांग्लादेश सरकार ने कहा कि भासन छार द्वीप पर शरणार्थियों के लिए अच्छे प्रबंध किए गए हैं। यह द्वीप बेहतर रहवास सुविधा की दृष्टि से विकसित किया गया है। दिसंबर में नए द्वीप में शरणार्थी भेजने का सिलसिला शुरू हुआ था। इसके बाद से अब तक 7000 से ज्यादा रोहिंग्या को वहां भेजा जा चुका है।
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बंगाल की खाड़ी में है यह द्वीप
बांग्लादेश के अधिकारियों ने म्यांमार से आए रोहिंग्याओं के चौथे दल को सोमवार को बंगाल की खाड़ी में विकसित इस नए द्वीप पर भेजा, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से यह प्रक्रिया रोकने की मांग की थी। भासन छार द्वीप में एक लाख शरणार्थियों को बसाने की योजना है। बता दें म्यांमार में संघर्ष के बाद 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या भागकर बांग्लादेश पहुंचे हैं।
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