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Bangladesh: बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का तांडव, दुर्गा पूजा आयोजन को किया बाधित; उत्तरा इलाके में बढ़ा तनाव
Fri, 27 Sep 2024 10:24 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 27 Sep 2024 10:24 PM IST
सार
ढाका पुलिस ने कहा कि दुर्गा पूजा समारोह बांग्लादेश के 32,666 मंडपों में आयोजित किए जाएंगे। वहीं राजधानी ढाका का एक उपनगर उत्तरा उन कुछ स्थानों में से एक है, जहां बाधा डालने की खबरें आई हैं। दुर्गा पूजा समारोह 9 से 13 अक्तूबर तक मनाई जाएगी।
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बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का तांडव, दुर्गा पूजा आयोजन को किया बाधित
- फोटो : ANI
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विस्तार
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को कट्टरपंथी समूहों की तरफ से बार-बार बाधा डालने के कारण कुछ स्थानों पर दुर्गा पूजा उत्सव के आयोजन स्थल बदलने पर मजबूर होना पड़ा है। बता दें कि दुर्गा पूजा 9 अक्तूबर से 13 अक्तूबर तक मनाई जाएगी।
उपनगर उत्तरा में किया जा रहा विरोध
ढाका पुलिस ने कहा कि दुर्गा पूजा समारोह बांग्लादेश के 32,666 मंडपों में आयोजित किए जाएंगे। वहीं राजधानी ढाका का एक उपनगर उत्तरा उन कुछ स्थानों में से एक है, जहां बाधा डालने की खबरें आई हैं। एक हफ्ते पहले, कट्टरपंथी इस्लामी समूहों ने उत्तरा के 11, 13 समेत कुछ क्षेत्रों में दुर्गा पूजा के खिलाफ स्थानीय लोगों के नाम पर कई मानव श्रृंखलाएं बनाकर विरोध किया।
सेना-पुलिस ने इलाके में संभाला मोर्चा
वहीं जब क्षेत्र में तनाव बढ़ गया, तो सेना और पुलिस ने हिंदू और मुस्लिम समुदायों के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक की। पिछले साल हिंदू समुदाय ने उत्तरा के सेक्टर 11 के एक मैदान में दुर्गा पूजा की थी, लेकिन इस बार पास की मस्जिद के कुछ उपासकों और मदरसे के छात्रों ने पूजा रोकने के लिए वहां मानव श्रृंखला बनाई। फिर बाद में जब हिंदू समुदाय ने सेक्टर 13 में दुर्गा पूजा का आयोजन करना चाहा, तो वहां भी बाधाएं आईं।
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मैदान में मस्जिद होने से बाधित हुई दुर्गा पूजा
मामले में सामुदायिक पुलिस अधिकारी सिराज मिया, जो पिछले 5 वर्षों से उत्तरा फील्ड नंबर 13 में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे हैं, ने जमीनी हालात के बारे में खुलकर बताया। उन्होंने कहा, मैंने सुना है कि यहां दुर्गा पूजा होगी। लेकिन मस्जिद समिति ने कहा कि वे यहां पूजा की अनुमति नहीं देंगे। इसलिए यहां कोई पूजा नहीं होगी। यह मैदान 13 नंबर सेक्टर का खेल का मैदान है। आमतौर पर लोग यहां खेल खेलते हैं। मुसलमानों की ईद की नमाज यहीं होती है। मैदान के कोने की ओर इशारा करते हुए मिया ने कहा, यहां एक मस्जिद है। नमाज के दौरान, सभी लोग इस मैदान के ऊपर स्थित मस्जिद में जाते हैं। इस मैदान के पास एक मदरसा भी है। आखिरी में, सेना और पुलिस के हस्तक्षेप से पूजा स्थल को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उत्तरा सांप्रदायिक सद्भाव वाले देश बांग्लादेश में एक अलग-थलग द्वीप की तरह है। लेकिन, इस बार दुर्गा पूजा को लेकर हिंदुओं में कोई उत्साह नहीं है। उत्तरा में स्थानीय स्तर पर दुर्गा पूजा का आयोजन करने वाले हिंदुओं में से कोई भी बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: लिया संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का ध्यान 26 सितंबर, 2024 को एक स्थानीय अखबार में प्रकाशित समाचार की ओर आकर्षित किया गया है। आयोग तख्तापलट के बाद गैर-भेदभाव और गैर-सांप्रदायिक बांग्लादेश में आगामी दुर्गा पूजा के अवसर पर धार्मिक अल्पसंख्यकों की मूर्तियों को तोड़ने की घटना को अत्यधिक घृणित, निंदनीय और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन मानता है। आयोग ने इस संबंध में स्वतः शिकायतों को स्वीकार कर लिया है।
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उपनगर उत्तरा में किया जा रहा विरोध
ढाका पुलिस ने कहा कि दुर्गा पूजा समारोह बांग्लादेश के 32,666 मंडपों में आयोजित किए जाएंगे। वहीं राजधानी ढाका का एक उपनगर उत्तरा उन कुछ स्थानों में से एक है, जहां बाधा डालने की खबरें आई हैं। एक हफ्ते पहले, कट्टरपंथी इस्लामी समूहों ने उत्तरा के 11, 13 समेत कुछ क्षेत्रों में दुर्गा पूजा के खिलाफ स्थानीय लोगों के नाम पर कई मानव श्रृंखलाएं बनाकर विरोध किया।
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सेना-पुलिस ने इलाके में संभाला मोर्चा
वहीं जब क्षेत्र में तनाव बढ़ गया, तो सेना और पुलिस ने हिंदू और मुस्लिम समुदायों के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक की। पिछले साल हिंदू समुदाय ने उत्तरा के सेक्टर 11 के एक मैदान में दुर्गा पूजा की थी, लेकिन इस बार पास की मस्जिद के कुछ उपासकों और मदरसे के छात्रों ने पूजा रोकने के लिए वहां मानव श्रृंखला बनाई। फिर बाद में जब हिंदू समुदाय ने सेक्टर 13 में दुर्गा पूजा का आयोजन करना चाहा, तो वहां भी बाधाएं आईं।
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मैदान में मस्जिद होने से बाधित हुई दुर्गा पूजा
मामले में सामुदायिक पुलिस अधिकारी सिराज मिया, जो पिछले 5 वर्षों से उत्तरा फील्ड नंबर 13 में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे हैं, ने जमीनी हालात के बारे में खुलकर बताया। उन्होंने कहा, मैंने सुना है कि यहां दुर्गा पूजा होगी। लेकिन मस्जिद समिति ने कहा कि वे यहां पूजा की अनुमति नहीं देंगे। इसलिए यहां कोई पूजा नहीं होगी। यह मैदान 13 नंबर सेक्टर का खेल का मैदान है। आमतौर पर लोग यहां खेल खेलते हैं। मुसलमानों की ईद की नमाज यहीं होती है। मैदान के कोने की ओर इशारा करते हुए मिया ने कहा, यहां एक मस्जिद है। नमाज के दौरान, सभी लोग इस मैदान के ऊपर स्थित मस्जिद में जाते हैं। इस मैदान के पास एक मदरसा भी है। आखिरी में, सेना और पुलिस के हस्तक्षेप से पूजा स्थल को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उत्तरा सांप्रदायिक सद्भाव वाले देश बांग्लादेश में एक अलग-थलग द्वीप की तरह है। लेकिन, इस बार दुर्गा पूजा को लेकर हिंदुओं में कोई उत्साह नहीं है। उत्तरा में स्थानीय स्तर पर दुर्गा पूजा का आयोजन करने वाले हिंदुओं में से कोई भी बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: लिया संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का ध्यान 26 सितंबर, 2024 को एक स्थानीय अखबार में प्रकाशित समाचार की ओर आकर्षित किया गया है। आयोग तख्तापलट के बाद गैर-भेदभाव और गैर-सांप्रदायिक बांग्लादेश में आगामी दुर्गा पूजा के अवसर पर धार्मिक अल्पसंख्यकों की मूर्तियों को तोड़ने की घटना को अत्यधिक घृणित, निंदनीय और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन मानता है। आयोग ने इस संबंध में स्वतः शिकायतों को स्वीकार कर लिया है।
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