बांग्लादेश जनाक्रोश: बंगभवन घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों-पुलिस की झड़प, कई घायल; राष्ट्रपति का इस्तीफा मांगा
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्रीय शहीद मीनार के सामने रैली की। जिसमें राष्ट्रपति को हटाने के लिए सात दिन का समय दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के 1972 के संविधान को रद्द करने सहित पांच सूत्रीय मांग रखी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने बंगभवन को घेर लिया है। उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे के साथ ही पांच सूत्रीय मांग की है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रपति ने हाल में बयान दिया था कि उनके पास अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के दस्तावेजी सबूत नहीं है। राष्ट्रपति के इस बयान के बाद प्रदर्शनकारियो में आक्रोश है।
इससे पहले, प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार दोपहर को राष्ट्रपति भवन पर धावा बोलने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बंगभवन में प्रवेश करने से रोकने के लिए साउंड ग्रेनेड का भी प्रयोग किया। उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने गोलियां भी चलाईं। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, दो लोग गोली लगने से घायल हुए और एक व्यक्ति साउंड ग्रेनेड से घायल हुआ। इस बीच प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए सेना को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। सेना ने लाउडस्पीकर का प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को बंगभवन छोड़ने का अनुरोध किया। तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई।
बाद में प्रदर्शनकारी रात में फिर बंगभवन की ओर बढ़े। हालांकि, सेना ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बंगभवन के बाहर धरना शुरू कर राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
बता दें कि साउंड ग्रेनेड से तेज ध्वनि करके भीड़ को तितर-बितर किया जाता है। इसके इस्तेमाल से असहनीय आवाज होती है।
Bangladesh protesters seige presidential palace
— ANI Digital (@ani_digital) October 23, 2024
Read @ANI Story | https://t.co/heIWtAHXci#Bangladesh #protesters #MohammedShahabuddin #PresidentialPalace #BangaBhaban pic.twitter.com/7OjdMicDvH
सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्रीय शहीद मीनार के सामने रैली की। जिसमें राष्ट्रपति को हटाने के लिए सात दिन का समय दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के 1972 के संविधान को रद्द करने सहित पांच सूत्रीय मांग रखी। प्रदर्शन में प्रमुख ढाका विश्वविद्यालय परिसर, शहीद मीनार और बंगभवन में भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के साथ-साथ विभिन्न बैनरों के तहत कई अन्य समूह शामिल हुए।
भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के समन्वयकों में से एक हसनत अब्दुल्ला ने कहा कि पांच सूत्रीय मांग के तहत हमारा पहला बिंदु मुजब समर्थक (बांग्लादेश के संस्थापक नेता) 1972 के संविधान को तत्काल रद्द करना है, जिसने राष्ट्रपति को कार्यालय में रखा था। अब्दुल्ला ने कहा कि 1972 के संविधान को 2024 के जन विद्रोह की पृष्ठभूमि में एक नया संविधान लिखकर बदलना होगा। अगर सरकार इस सप्ताह तक मांगों को पूरा करने में विफल रही तो प्रदर्शनकारी पूरी ताकत के साथ सड़कों पर लौट आएंगे।
इससे पहले, बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि उनके पास पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफ का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सुनने में आया था कि हसीना ने इस्तीफा दे दिया है। कई प्रयासों के बावजूद, वह कोई दस्तावेज ढूंढने में असफल रहे। राष्ट्रपति ने कहा कि शायद उनके पास समय नहीं था।
राष्ट्रपति के इस बयान के बाद कानूनी सलाहकार डॉ. आसिफ नजरूल ने कहा था कि उनका यह बयान अपने आप में विरोधाभासी है, क्योंकि उन्होंने पहले कहा था कि हसीना ने इस्तीफ दे दिया है।
हसीना की कट्टर प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधान मंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भी राष्ट्रपति पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। बीएनपी ने कहा था राष्ट्रपति ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में हसीना के इस्तीफे के बारे में राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में झूठ बोला।
बीएनपी के उपाध्यक्ष जैनुल आबेदीन ने कहा था कि राष्ट्रपति ने एक विशिष्ट एजेंडे के साथ सरकार के गठन के दो महीने बाद यह बयान दिया। राष्ट्रपति ने झूठ बोला है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.