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बांग्लादेश : मंदिरों के दान में मदद का ट्रांसजेंडर को मिला 'प्रसाद', लोगों ने चुनाव जिताकर शहर का मेयर बनाया
Wed, 01 Dec 2021 01:58 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, ढाका
एजेंसी, ढाका
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 01 Dec 2021 01:58 AM IST
सार
बांग्लादेश में एक छोटे से शहर त्रिलोचनपुर में लोगों ने 45 वर्षीय नजरुल इस्लाम रितु ट्रांसजेंडर को मेयर बनाकर शहर की कमान संभालने के लिए चुना है। मेयर ने कई हिंदू मंदिरों को दान करने में मदद करने वाले शख्स के रूप में प्रसिद्धि मिली है।
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विस्तार
बांग्लादेश में एक छोटे से शहर त्रिलोचनपुर में लोगों ने देश के इतिहास में पहली बार किसी ट्रांसजेंडर (किन्नर) को मेयर बनाकर शहर की कमान संभालने के लिए चुना है। 45 वर्षीय इस निर्दलीय उम्मीदवार का नाम है नजरुल इस्लाम रितु और उसे कई हिंदू मंदिरों को दान करने में मदद करने वाले शख्स के रूप में प्रसिद्धि मिली है। रितु ने त्रिलोचनपुर में दो मस्जिदों का भी निर्माण कराया है।
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9,557 मतों से निकटतम प्रतिद्वंद्वी को नसरुल इस्लाम ने हराया
नजरुल इस्लाम की जीत की औपचारिक घोषणा सोमवार की शाम को की गई। उसने कहा, मेरी जीत ने हिजड़ा समुदाय की समाज में बढ़ती स्वीकृति को दिखाया है, जो जन्म लेने वाले पुरुषों के लिए एक अपशब्द माना जाता है। दरअसल, बांग्लादेश के इस छोटे शहर में पैदा हुई नजरूल बचपन में ही अपने गृहनगर से भागकर में ढाका चली गई और उसने ट्रांसजेंडरों के एक केंद्र में शरण ली।
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20 साल बाद वह अपने शहर वापस लौटी और स्थानीय हिंदू मंदिरों के लिए उसने चंदा जुटाने में लोगों की काफी मदद की। इससे उसकी लोकप्रियता बढ़ती गई। उसने मेयर पद के चुनाव में किस्मत आजमाई और रविवार को हुए चुनाव में उसने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 9,557 मतों से हरा दिया। वह अब शहर की मेयर के तौर पर काम करेंगी।
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कांच की छत दरक रही है
एक बड़े मुस्लिम परिवार में पैदा हुई नजरुल इस्लाम ने चुनाव जीतने पर कहा, कांच की छत दरक रही है। यह एक अच्छा संकेत है। उसने कहा, इस जीत का मतलब है कि लोग उन्हें प्यार करते हैं और उन्हें अपना मानते हैं. मैं अपना जीवन सार्वजनिक सेवा के लिए समर्पित करूंगी। उसे 2018 में थर्ड जेंडर के रूप में मतदाता के बतौर पंजीकरण कराने की देश में अनुमति दी गई थी।