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Bangladesh: अप्रैल 2026 में चुनाव की घोषणा से बीएनपी नाराज, अंतरिम सरकार में चुनाव की निष्पक्षता पर भी शक
Sat, 07 Jun 2025 02:58 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 07 Jun 2025 02:58 PM IST
सार
बैठक में तारिक रहमान ने कहा कि 'अंतरिम सरकार ने राष्ट्र की आकांक्षाओं को नजरअंदाज किया। इससे देश के लोग जो करीब डेढ़ दशक अपने मतदान के अधिकार से वंचित हैं और प्रताड़नाओं के बाद भी लोकतंत्र को बहाल करने के लिए अपना संघर्ष जारी रखे हुए हैं।'
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने शनिवार को कहा कि मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस द्वारा अप्रैल 2026 में चुनाव कराने की घोषणा से लोग निराश हैं। पार्टी ने इस साल दिसंबर तक चुनाव कराने की मांग दोहराई। बीएनपी ने इस साल दिसंबर तक चुनाव कराने की मांग दोहराई। बीएनपी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में लिखा गया कि 'जुलाई के विद्रोह के दौरान छात्रों और जनता द्वारा किए गए अपार बलिदानों के बाद लोगों की जीत हासिल हुई थी। लेकिन चुनाव में अनुचित देरी ने लोगों को निराश और क्रोधित कर दिया है।'
'अप्रैल में चुनाव कराने में होगी परेशानी'
बीएनपी की राष्ट्रीय स्थायी समिति ने एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक बुलाई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने की। बैठक के बाद पार्टी के बयान में कहा गया कि 'अप्रैल में रमजान, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस साल दिसंबर तक चुनाव कराना ठीक रहेगा।' पार्टी पहले भी दिसंबर में चुनाव कराने की मांग कर चुकी है। बैठक में तारिक रहमान ने कहा कि 'अंतरिम सरकार ने राष्ट्र की आकांक्षाओं को नजरअंदाज किया। इससे देश के लोग जो करीब डेढ़ दशक अपने मतदान के अधिकार से वंचित हैं और प्रताड़नाओं के बाद भी लोकतंत्र को बहाल करने के लिए अपना संघर्ष जारी रखे हुए हैं।'
ये भी पढ़ें- Bangladesh Election: बांग्लादेश में अप्रैल 2026 में होंगे राष्ट्रीय चुनाव, सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने किया एलान
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चुनाव की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
बीएनपी ने अंतरिम सरकार में चुनाव की निष्पक्षता पर भी चिंता जाहिर की। पार्टी ने कहा कि मोहम्मद यूनुस के बयान में दिसंबर में चुनाव न कराने की स्पष्ट वजह नहीं दी गई है। बीएनपी ने मोहम्मद यूनुस के भाषण में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर भी नाराजगी जाहिर की और कहा कि उनका भाषण राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाओं को पार कर गया। बीते साल अगस्त में शेख हसीना सरकार को सत्ता से हटाकर बांग्लादेश में अंतरिम सरकार सत्ता पर काबिज हुई, जिसके मुख्य सलाहकार की जिम्मेदारी मोहम्मद यूनुस को दी गई। लंबे समय से बांग्लादेश के राजनीतिक दल चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार कानून व्यवस्था का हवाला देकर चुनाव कराने से हिचक रही है।
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'अप्रैल में चुनाव कराने में होगी परेशानी'
बीएनपी की राष्ट्रीय स्थायी समिति ने एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक बुलाई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने की। बैठक के बाद पार्टी के बयान में कहा गया कि 'अप्रैल में रमजान, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस साल दिसंबर तक चुनाव कराना ठीक रहेगा।' पार्टी पहले भी दिसंबर में चुनाव कराने की मांग कर चुकी है। बैठक में तारिक रहमान ने कहा कि 'अंतरिम सरकार ने राष्ट्र की आकांक्षाओं को नजरअंदाज किया। इससे देश के लोग जो करीब डेढ़ दशक अपने मतदान के अधिकार से वंचित हैं और प्रताड़नाओं के बाद भी लोकतंत्र को बहाल करने के लिए अपना संघर्ष जारी रखे हुए हैं।'
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चुनाव की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
बीएनपी ने अंतरिम सरकार में चुनाव की निष्पक्षता पर भी चिंता जाहिर की। पार्टी ने कहा कि मोहम्मद यूनुस के बयान में दिसंबर में चुनाव न कराने की स्पष्ट वजह नहीं दी गई है। बीएनपी ने मोहम्मद यूनुस के भाषण में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर भी नाराजगी जाहिर की और कहा कि उनका भाषण राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाओं को पार कर गया। बीते साल अगस्त में शेख हसीना सरकार को सत्ता से हटाकर बांग्लादेश में अंतरिम सरकार सत्ता पर काबिज हुई, जिसके मुख्य सलाहकार की जिम्मेदारी मोहम्मद यूनुस को दी गई। लंबे समय से बांग्लादेश के राजनीतिक दल चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार कानून व्यवस्था का हवाला देकर चुनाव कराने से हिचक रही है।