Bangladesh: कंटेनर डिपो में हुए भयानक अग्निकांड के बाद खराब हुए पर्यावरण से लोग सदमे में
फैले धुएं की वजह से रविवार से चटग्राम के आसपास कई इलाकों में लोगों कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने की खबर मिली है। आंख और त्वचा में जलन, गले में दर्द, खुजली महसूस होने, छींक आने और खांसी आने की शिकायतें आमने आई हैं। आसपास के इलाकों में असामान्य रूप से तापमान काफी बढ़ गया...
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चटग्राम में कंटेनर डिपो में हुआ अग्निकांड देश ने बांग्लादेश में आम लोगों को झकझोर दिया है। आग अपने-आप में अति भयानक थी, लेकिन उसके बाद आसपास के इलाकों में इस घटना का जो असर हुआ, उससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। कंटेनरों में हाइड्रोजन पेरोक्साइड भरी हुई थी। इस वजह से उस पूरे इलाके की हवा जहरीली हो गई है।
आग शनिवार को लगी, लेकिन सोमवार शाम तक इस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। आग बुझाने के काम में सेना और नौ सेना के जवानों को लगाया गया। लेकिन आग पर काबू पाना लंबे समय तक मुश्किल बना रहा। सोमवार रात तक 41 लोगों के मरने की पुष्टि हुई थी। हालांकि पहले 49 लोगों के मरने की खबर दी गई थी। बाद में अधिकारियों ने कहा कि कुछ शवों की दो बार गिनती कर ली गई थी। चटग्राम के सिविल सर्जन इलियास चौधरी ने बताया कि कुछ शवों को घटनास्थल और अस्पताल में अलग-अलग गिन लिया गया था। 102 लोग झुलस गए हैं, जिनका चटग्राम और ढाका के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
असामान्य रूप से बढ़ा तापमान
फैले धुएं की वजह से रविवार से चटग्राम के आसपास कई इलाकों में लोगों कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने की खबर मिली है। आंख और त्वचा में जलन, गले में दर्द, खुजली महसूस होने, छींक आने और खांसी आने की शिकायतें आमने आई हैं। आसपास के इलाकों में असामान्य रूप से तापमान काफी बढ़ गया। बताया जाता है कि डिपो में 30 से ज्यादा ऐसे कंटेनर थे, जिनमें हाइड्रोजन पेरोक्साइड भरी हुई थी। जब लोगों को स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगीं, तब मस्जिदों से और सरकारी वाहनों से लाउडस्पीकरों के लिए सबको घर के अंदर ही रहने की सलाह दी गई।
चटग्राम स्थित संस्थान एप्लाइड केमिस्ट्री एंड केमिकल इंजीनियरिंग के चेयरमैन सुमन बरुआ ने अखबार न्यू एज को बताया कि कंटेनरों में जो गैस थी, उसकी वजह से स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा होना स्वाभाविक बात है। बरुआ ने कहा कि अभी तक सिर्फ कंटेनरों में सिर्फ हाइड्रोजन पेरोक्साइड होने की बात सामने आई है, लेकिन मुमकिन है कि डिपो में कुछ दूसरे केमिकल भी मौजूद रहे हों।
बरुआ ने कहा- हाइड्रोजन पेरोक्साइड के संपर्क में आने पर लोगों की सेहत के लिए खतरा पैदा होता है। चटग्राम स्थित पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब पूरे इलाके में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही उस क्षेत्र के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनसे पता चलेगा कि कहीं वहां का पानी तो जहरीला नहीं हो गया है। साथ ही आसपास सेना की तैनाती की गई है, ताकि लोगों को आम स्रोतों के पानी का इस्तेमाल करने से अभी रोका जा सके।
विपक्ष की स्वतंत्र जांच आयोग बनाने की मांग
इस घटना ने आबादी वाले इलाकों में चटग्राम जैसे कंटेनर डिपो बनाने की नीति पर नई बहस छेड़ दी है। पर्यावरणवादी कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि ऐसे कारोबार से जुड़े लोगों की जवाबदेही तय करने के कानूनी उपाय किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने के बाद ही ऐसे स्थल बनें।
मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने इस घटना की जांच के लिए स्वतंत्र आयोग बनाने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि इसके पहले भी देश में औद्योगिक हादसे हुए, लेकिन उनकी स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई। इस कारण ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के देश में पर्याप्त उपाय नहीं हो सके हैँ।