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Bangladesh-Myanmar: सीमा पर तनाव के बीच मो. यूनुस की सरकार बोली, सरकार और अराकान दोनों के साथ संपर्क में हैं
Mon, 30 Dec 2024 09:49 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 30 Dec 2024 09:49 PM IST
सार
बांग्लादेश और म्यांमार के बीच सीमा को लेकर तनाव है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली देश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह म्यांमार के साथ सीमा विवाद और तनाव के मुद्दे पर म्यांमार सरकार के साथ-साथ विद्रोही अराकान सेना के भी संपर्क में बनी हुई है।
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
बांग्लादेश और म्यांमार आपस में 271 किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं। हाल के दिनों में विद्रोही अराकान आरामी (AA) ने इन सीमावर्ती इलाकों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। ताजा घटनाक्रम में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर म्यांमार सरकार के साथ-साथ विद्रोही सेना के साथ भी लगातार संपर्क बनाए हुए है।
हाल के दिनों में विद्रोही अराकान आरामी (AA) ने सीमा पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। ताजा घटनाक्रम में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह बांग्लादेश सीमा की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के संपर्क में है। गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी ने म्यांमार की सीमा से लगे दक्षिणपूर्वी इलाके टेकनाफ के दौरे के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी सुरक्षा बल सावधानी के साथ सीमा पर मुस्तैद हैं। फिलहाल कोई समस्या नहीं हुई है।
बांग्लादेश में गृह मामलों के सलाहकार ने कहा कि (अर्धसैनिक) बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश [बीजीबी] सहित सभी सुरक्षा बल सीमा की निगरानी कर रहे हैं। हमारा ध्यान इस बात पर है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब न हो। हालांकि, हालात कितने संवेदनशील हैं, इस सवाल पर सलाहकार ने स्वीकार किया कि सीमा पर कभी-कभार गोलीबारी होती है। मोर्टार के गोले भी दागे जाते हैं। फिलहाल नाफ़ नदी में मछली पकड़ना सुरक्षित नहीं है।
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लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी के बयान से पहले आई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि बांग्लादेश ने सीमाओं पर अतिरिक्त बल जुटाए हैं। अराकान आर्मी ने क्षेत्र से सरकारी सैनिकों को खदेड़ दिया है। अराकान ने म्यांमार के राखीन क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया है।
इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट भी आई थी। बता दें कि 2017 में एक मिलियन से अधिक अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय के सदस्यों को अस्थायी शरण दी थी शरण लेने वाले लोग क्रूर सैन्य कार्रवाई के बीच राखीन में अपने घरों से भाग गए थे।
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हाल के दिनों में विद्रोही अराकान आरामी (AA) ने सीमा पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। ताजा घटनाक्रम में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह बांग्लादेश सीमा की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के संपर्क में है। गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी ने म्यांमार की सीमा से लगे दक्षिणपूर्वी इलाके टेकनाफ के दौरे के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी सुरक्षा बल सावधानी के साथ सीमा पर मुस्तैद हैं। फिलहाल कोई समस्या नहीं हुई है।
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बांग्लादेश में गृह मामलों के सलाहकार ने कहा कि (अर्धसैनिक) बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश [बीजीबी] सहित सभी सुरक्षा बल सीमा की निगरानी कर रहे हैं। हमारा ध्यान इस बात पर है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब न हो। हालांकि, हालात कितने संवेदनशील हैं, इस सवाल पर सलाहकार ने स्वीकार किया कि सीमा पर कभी-कभार गोलीबारी होती है। मोर्टार के गोले भी दागे जाते हैं। फिलहाल नाफ़ नदी में मछली पकड़ना सुरक्षित नहीं है।
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लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी के बयान से पहले आई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि बांग्लादेश ने सीमाओं पर अतिरिक्त बल जुटाए हैं। अराकान आर्मी ने क्षेत्र से सरकारी सैनिकों को खदेड़ दिया है। अराकान ने म्यांमार के राखीन क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया है।
इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट भी आई थी। बता दें कि 2017 में एक मिलियन से अधिक अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय के सदस्यों को अस्थायी शरण दी थी शरण लेने वाले लोग क्रूर सैन्य कार्रवाई के बीच राखीन में अपने घरों से भाग गए थे।