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Bangladesh: पूर्व पीएम शेख हसीना और परिवार की विशेष सुरक्षा वापस होगी, अंतरिम सरकार कानून में संशोधन करेगी

Thu, 29 Aug 2024 11:50 PM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 29 Aug 2024 11:50 PM IST
सार

आधिकारिक बीएसएस समाचार एजेंसी के अनुसार, मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस की अध्यक्षता में सलाहकार परिषद ने पूर्व प्रधान मंत्री हसीना और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए विशेष सुरक्षा हटाने के लिए विशेष सुरक्षा बल अधिनियम 2021 में संशोधन करने का फैसला किया। 

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Bangladesh interim government decided to amend law ending special protection of former PM Hasina and family
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना - फोटो : एएनआई

विस्तार

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दी गई विशेष सुरक्षा बृहस्पतिवार को अंतरिम सरकार ने वापस लेने का एलान किया है। अंतरिम सरकार का यह फैसला हसीना और उनके परिवार के राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने के कुछ दिनों बाद आया है। हालांकि, अभी शेख हसीना की विशेष सुरक्षा खत्म करने वाले कानून में संशोधन करना बाकी है। 

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आधिकारिक बीएसएस समाचार एजेंसी के अनुसार, मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस की अध्यक्षता में सलाहकार परिषद ने पूर्व प्रधान मंत्री हसीना और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए विशेष सुरक्षा हटाने के लिए विशेष सुरक्षा बल अधिनियम 2021 में संशोधन करने का फैसला किया। मुख्य सलाहकार कार्यालय (सीएओ) ने बैठक के बाद बयान में कहा कि यह अधिनियम पिछली सरकार के फैसले के बाद बनाया और लागू किया गया था। इसके बाद 15 मई 2015 को इस कानून के तहत हसीना और उनके करीबियों को विशेष सुरक्षा और लाभ प्रदान करने के लिए एक गजट जारी किया गया।
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बयान में आगे कहा, 'यह कानून पूरी तरह से एक परिवार के सदस्यों को विशेष राज्य लाभ प्रदान करने के लिए बनाया गया था, जो स्पष्ट भेदभाव का गठन करता है।' कहा कि अंतरिम सरकार सभी प्रकार के भेदभाव को खत्म करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। बदले हुए परिदृश्य के कारण 'मौजूदा कानून के अनुरूप राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के परिवार से संबंधित प्रावधानों को प्रशासनिक प्रबंधन के तहत लागू करना संभव नहीं है।'
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बैठक के बाद सलाहकार परिषद की सदस्य सैयदा रिजवाना हसन ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, 'अंतरिम सरकार भेदभाव विरोधी आंदोलन का परिणाम थी।' पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का प्रभार सौंपे गए रिजवाना ने कहा कि परिषद ने कानून को 'भेदभावपूर्ण' मानते हुए इसमें संशोधन करने का फैसला किया।


हाल ही में गृह मंत्रालय ने हसीना, उनके सलाहकारों, पूर्व कैबिनेट सदस्यों और 12वीं संसद के सभी सदस्यों के राजनयिक पासपोर्ट रद्द कर दिए। उनके जीवनसाथी और बच्चों के राजनयिक पासपोर्ट भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं।

बता दें कि जन विद्रोह के बीच पांच अगस्त को 76 वर्षीय हसीना के बांग्लादेश छोड़ भारत भाग जाने के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भंग कर दी थी। जिसके बाद आठ अगस्त, 2024 को अंतरिम सरकार का गठन किया गया, जिसमें मुख्य सलाहकार और अन्य सलाहकार शामिल हैं। वहीं, पूर्व पीएम हसीना पर वर्तमान में बांग्लादेश में 75 से अधिक मामले हैं, जिनमें से लगभग आधे हत्या के आरोप से जुड़े हैं।

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