{"_id":"65876eb403cee3ad370e1996","slug":"baloch-yakjehti-committee-gives-pakistan-govt-3-day-ultimatum-for-detainees-release-2023-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pakistan: बलोच कार्यकर्ताओं ने पाक सरकार को दिया अल्टीमेटम, बंदियों की रखी तत्काल रिहाई की मांग","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Pakistan: बलोच कार्यकर्ताओं ने पाक सरकार को दिया अल्टीमेटम, बंदियों की रखी तत्काल रिहाई की मांग
Sun, 24 Dec 2023 05:05 AM IST
यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sun, 24 Dec 2023 05:05 AM IST
सार
आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) के अधिकारियों द्वारा एक बलोच के युवक की कथित हत्या के बाद 6 दिसंबर को तुर्बत में शुरू हुआ बलोच की महिलाओं के नेतृत्व में लंबा मार्च बुधवार को संघीय राजधानी तक पहुंच गया था।
विज्ञापन
बलोच मार्च
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान की सेना द्वारा अचानक लापता हो रहे लोगों और उनकी हत्याओं के खिलाफ बलोच कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने शनिवार को राज्य को तीन दिन का अल्टीमेटम जारी किया, जिसमें अब तक हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई और उनके खिलाफ आरोपों को रद्द करने का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर ऐसा न किया गया तो उन्हें कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा और राज्य और उसका प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार होगा।
विज्ञापन
बलोच यकजेहती समिति (बीवाईसी) ने दावा किया कि पहले से हिरासत में लिए गए 100 से अधिक सदस्यों को अदालतों में पेश नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि वे लापता थे, जबकि उन्होंने पुलिस की मौजूदगी के बीच इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब (एनपीसी) के बाहर अपनी रैली जारी रखी थी।
विज्ञापन
राजधानी तक पहुंचा मार्च
आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) के अधिकारियों द्वारा एक बलोच के युवक की कथित हत्या के बाद 6 दिसंबर को तुर्बत में शुरू हुआ बलोच की महिलाओं के नेतृत्व में लंबा मार्च बुधवार को संघीय राजधानी तक पहुंच गया था।
विज्ञापन
हालांकि, प्रदर्शनकारियों को एनपीसी तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने प्रमुख धमनियों के साथ-साथ शहर के प्रवेश बिंदुओं को भी अवरुद्ध कर दिया था। इसके बाद इस्लामाबाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने और हिरासत में लेने के लिए क्रूर बल का प्रयोग किया और संघीय राजधानी के विभिन्न इलाकों से 200 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया।
इसके बाद इस्लामाबाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने और हिरासत में लेने के लिए भारी बल का प्रयोग किया और 200 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों को आंसू गैस, पानी की बौछारें और पुलिस की लाठियों का भी सामना करना पड़ा।
हर तरफ हो रही निंदा
मानवाधिकार संगठनों, राजनेताओं और विश्लेषकों ने घटनाओं की कड़ी निंदा की। सरकार ने गुरुवार शाम को कहा कि हिरासत में लिए गए 90 प्रतिशत बलूच पुरुषों और महिलाओं को रिहा कर दिया गया, सिवाय उन पुरुषों को छोड़कर जिनकी पुलिस द्वारा पहचान नहीं की जा सकी। इसके साथ ही पुलिस की कार्रवाई की इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक, राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी और कार्यवाहक प्रधान मंत्री अनवारुल हक काकर ने भी निंदा की।