China: ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज ने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ की बैठक, 'लाइव-फायर' अभ्यास का मुद्दा उठाया
China: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर ऑस्ट्रेलियाई तट के पास हुए चीनी सैन्य अभ्यास पर चिंता जताई। उन्होंने ताइवान पर ऑस्ट्रेलिया की नीति को दोहराया और व्यापार संबंध सुधारने पर चर्चा की। उनका यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में प्रयास माना जा रहा है।
विस्तार
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उस 'लाइव-फायर नौसैनिक अभ्यास' को लेकर शिकायत की, जो ऑस्ट्रेलिया के तट के पास किया गया था और जिसकी वजह से कई वाणिज्यिक विमानों को अपना रास्ता बदलना पड़ा था। यह अभ्यास फरवरी में हुआ था, जिसमें चीनी युद्धपोतों का एक बेड़ा ऑस्ट्रेलिया के चारों ओर से होते हुए अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में तस्मान सागर के ऊपर से गुजरा। यह इलाका ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच व्यस्त हवाई मार्गों में से एक है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं था अभ्यास: जिनपिंग
इसे चीन की सैन्य ताकत के प्रदर्शन के तौर पर देखा गया और यह उन कई मुद्दों में से एक था जिन्हें अल्बनीज ने बैठक में उठाया। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा, राष्ट्रपति शी ने कहा कि चीन सैन्य अभ्यास करता है, जैसे ऑस्ट्रेलिया भी अभ्यास करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभ्यास अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं था, लेकिन इस बात को लेकर चिंता जताई गई कि इसकी जानकारी किस तरह दी गई और लाइव-फायर अभ्यास के तरीके पर भी सवाल उठे।
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ताइवान के मुद्दे पर नहीं की कोई टिप्पणी
अल्बनीज ने यह भी कहा कि ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका अपने सहयोगियों पर जो दबाव बना रहा है, उसके बारे में राष्ट्रपति शी ने कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, मैंने ताइवान पर ऑस्ट्रेलिया की स्थिति दोहराई, जिसमें यथास्थिति का समर्थन करते हैं। ऑस्ट्रेलिया, चीन की 'एक चीन नीति' के तहत चीन को ही एकमात्र वैध सरकार और ताइवान को चीन का हिस्सा मानता है।
अल्बनीज ने चीन के प्रधानमंत्री से भी मुलाकात
इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की 10वीं वर्षगांठ है और दोनों सरकारों ने इस समझौते की समीक्षा कर आर्थिक संबंधों को बेहतर बनाने पर सहमति जताई है। जिनपिंग के साथ बैठक के बाद अल्बनीज ने चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग और नेशनल पीपल्स कांग्रेस के प्रमुख झाओ लेजी से भी मुलाकात की। बैठक की शुरुआत में शी जिनपिंग ने कहा कि मतभेदों को एक तरफ रखकर समान विषयों की तलाश की नीति हमारे दोनों देशों और लोगों के मूल हितों के अनुकूल है।
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प्रधानमंत्री बनने के बाद अल्बनीज का दूसरा चीन दौरा
अल्बनीज ने शी की बात से सहमति जताई और कहा, इस दृष्टिकोण से वास्तव में ऑस्ट्रेलिया और चीन दोनों को बहुत सकारात्मक लाभ हुए हैं। यह अल्बनीज के प्रधानमंत्री बनने के बाद चीन का दूसरा दौरा है। वह 2022 में प्रधानमंत्री बने थे। ऑस्ट्रेलिया एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कई देशों की तरह चीन और अमेरिका के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था काफी हद तक चीन को होने वाले निर्यात पर निर्भर है। लेकिन वह अमेरिका के साथ मिलकर चीन में मानवाधिकार उल्लंघन और प्रशांत क्षेत्र में उसकी सैन्य गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताता है। अल्बनीज 2022 से चीन के साथ संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
एक हफ्ते के चीन दौरे पर हैं अल्बनीज
शंघाई में सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, हमारी एक चौथाई नौकरियां व्यापार पर निर्भर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया अब व्यापार को विविध बनाने के लिए इंडोनेशिया और सिंगापुर जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से संबंध मजबूत कर रहा है। अल्बनीज इस समय एक हफ्ते के चीन दौरे पर हैं। उनका यह दौरा शंघाई से शुरू हुआ, जो चीन की कारोबारी राजधानी है। यहां उन्होंने चीनी सरकार और व्यापार जगत के नेताओं से मुलाकात की और पर्यटन बढ़ाने और स्टील उत्पादन में कार्बन उत्सर्जन घटाने को लेकर सहयोग पर चर्चा की।
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