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Iran War Impact Sports: ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की पांच खिलाड़ियों को दिया आश्रय, मानवीय वीजा देने का किया फैसला

Tue, 10 Mar 2026 05:30 AM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबरा Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Tue, 10 Mar 2026 05:30 AM IST
सार

ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय आधार पर शरण दे दी है। खिलाड़ियों को डर था कि युद्ध के बीच ईरान लौटने पर उन्हें सत्ता और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर मानवीय वीजा दिया।

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Australia grants asylum to 5 members of Iranian womens soccer team official says
एंथनी अल्बनीज - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान की महिला फुटबॉल टीम से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने टीम की पांच खिलाड़ियों को मानवीय आधार पर शरण दे दी है। ये खिलाड़ी एशियाई टूर्नामेंट खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया आई थीं। युद्ध शुरू होने के बाद उनके ईरान लौटने को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसी बीच ऑस्ट्रेलिया सरकार ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर मानवीय वीजा देने का फैसला किया।
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ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि मंगलवार तड़के ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस ने खिलाड़ियों को गोल्ड कोस्ट स्थित होटल से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहां उनसे मुलाकात की गई और उनके मानवीय वीजा की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। सरकार का कहना है कि यह फैसला मानवीय परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है, क्योंकि ईरान इस समय युद्ध की स्थिति से गुजर रहा है।
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खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में शरण क्यों दी गई?
ईरान की महिला फुटबॉल टीम पिछले महीने महिला एशियन कप खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी। टूर्नामेंट खत्म होने के बाद टीम को ईरान लौटना था, लेकिन इसी दौरान अमेरिका और इस्राइल के साथ युद्ध तेज हो गया। लगातार हमलों और असुरक्षा के माहौल के कारण खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया सरकार ने मानवीय आधार पर पांच खिलाड़ियों को शरण देने का निर्णय लिया।
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ट्रंप की प्रतिक्रिया क्या रही?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि खिलाड़ियों को वापस ईरान भेजना मानवीय गलती होगी, क्योंकि वहां उनकी जान को खतरा हो सकता है। ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया से खिलाड़ियों को शरण देने की अपील की थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऑस्ट्रेलिया ऐसा नहीं करता तो अमेरिका उन्हें अपने यहां आश्रय देने को तैयार है।


खिलाड़ियों के परिवारों को लेकर क्या चिंता?
बताया जा रहा है कि टीम की कुछ खिलाड़ी वापस ईरान लौटना चाहती थीं, क्योंकि उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता है। ट्रंप ने भी कहा कि कई खिलाड़ियों को डर है कि यदि वे वापस नहीं लौटेंगी तो उनके परिवारों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। यही कारण है कि खिलाड़ियों के सामने कठिन स्थिति बनी हुई है।

टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों का रवैया क्यों चर्चा में रहा?
टूर्नामेंट के दौरान भी ईरानी खिलाड़ियों की स्थिति चर्चा में रही। दक्षिण कोरिया के खिलाफ पहले मैच से पहले राष्ट्रीय गान के दौरान टीम ने शुरुआत में चुप्पी साधी थी। कुछ लोगों ने इसे विरोध का संकेत माना, जबकि कुछ ने इसे शोक की अभिव्यक्ति बताया। हालांकि बाद के मैचों में खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान गाया और सलामी भी दी। टीम की फॉरवर्ड सारा दीदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने देश और परिवार को लेकर चिंता जाहिर की थी।


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