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Pakistan: जरदारी ने शरीफ का तोड़ा रिकॉर्ड, बेटी आसिफा के चुने जाने से एक ही परिवार में हुए छह सांसद
Sat, 30 Mar 2024 03:13 PM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Sat, 30 Mar 2024 03:13 PM IST
सार
आसिफा की जीत के साथ ही जरदारी परिवार के राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर छह सांसद हो गए हैं। इससे जरदारी ने शरीफ परिवार के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए पाकिस्तान की राजनीति में एक परिवार से सबसे अधिक सांसद होने का रिकॉर्ड कायम किया है।
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asif ali zardari
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान की राजनीति काफी दिलचस्प बनी हुई है। कभी चुनाव में धांधली के आरोप तो कभी दो पार्टियों का गठबंधन कर लेना। इन सबके बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के परिवार ने एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। दरअसल, आसिफ अली और दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सबसे छोटी बेटी आसिफा को निर्विरोध संसद सदस्य चुने जाने के बाद जरदारी ने शरीफ को पीछे छोड़ते हुए पाकिस्तान की राजनीति में एक परिवार से सबसे अधिक सांसद होने का रिकॉर्ड कायम किया है।
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बेटी को पहली बार मिलेगा फर्स्ट लेडी का दर्जा
कहा जा रहा है कि बेनजीर भुट्टो की बेटी आसिफा भुट्टो देश की प्रथम महिला की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। यह पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार है कि किसी स्थायी राष्ट्रपति की पत्नी को नहीं, बल्कि बेटी को यह औपचारिक उपाधि दी जाएगी। 31 साल की आसिफा भुट्टो पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और देश के एकमात्र दो बार राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की सबसे छोटी बेटी हैं। पिछले दशक में आसिफा ने प्रभावशाली भुट्टो-जरदारी परिवार में राजनीतिक सफलता की कई सीढ़ियां चढ़ी हैं। वह राष्ट्रपति जरदारी और अपने भाई बिलावल भुट्टो के बाद परिवार की तीसरी सबसे प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा हैं।
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उम्मीदवारों के नाम वापस लेने पर आसिफा को मिली जीत
आसिफा ने उपचुनाव के लिए सिंध प्रांत के शहीद बेनजीराबाद (पूर्व में नवाबशाह) इलाके से नेशनल असेंबली सीट एनए-207 के लिए नामांकन पत्र भरा था। क्षेत्र के निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, आसिफा को निर्विरोध चुना गया, क्योंकि उनके खिलाफ नामांकन दाखिल करने वाले तीन उम्मीदवारों ने मुकाबले से अपना नाम वापस ले लिया। नाम वापस लेने वाले अब्दुल रसूल ब्रोही, अमानुल्लाह और मेराज अहमद थे। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की वजह से आसिफा के सामने कोई चुनौती नहीं मिली और शुक्रवार को हुए पहले चुनावी मुकाबले में उन्हें विजेता घोषित किया गया। यह सीट उनके पिता आसिफ अली जरदारी के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद खाली हुई थी।
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जरदारी परिवार में इतने सांसद
आसिफा की जीत के साथ ही जरदारी परिवार के राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर छह सांसद हो गए हैं। इससे जरदारी ने शरीफ परिवार के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए पाकिस्तान की राजनीति में एक परिवार से सबसे अधिक सांसद होने का रिकॉर्ड कायम किया है।दोनों राजनीतिक परिवारों को अधिकतर समय तक पाकिस्तान पर शासन करने के लिए जाना जाता है।
अब जरदारी खुद देश के राष्ट्रपति हैं, उनकी बेटी आसिफा, बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी और बहनोई मुनव्वर अली तालपुर नेशनल असेंबली के सदस्य हैं, जबकि दोनों बहनें फरयाल तालपुर और अजरा पेचुहो सिंध में प्रांतीय असेंबली की सदस्य हैं। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बड़े भाई नवाज शरीफ और उनके बेटे हमजा शहबाज शरीफ एमएनए चुने गए हैं, जबकि उनकी भतीजी मरियम नवाज शरीफ पंजाब की मुख्यमंत्री हैं।
31 वर्षीय आसिफा के पास राजनीति और समाजशास्त्र में स्नातक की डिग्री है। वहीं, वैश्विक स्वास्थ्य और विकास में मास्टर की डिग्री है। उन्होंने शुरुआत में 2012 में पोलियो उन्मूलन अभियान के लिए काम किया है, जिसने उन्हें जनता के बीच पहचान मिली।