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ASEAN-India Summit: पीएम ली सीन लूंग ने कहा- कोरोना वैक्सीन आपूर्ति में भारत की मदद करना चाहता है सिंगापुर
Sat, 30 Oct 2021 02:26 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, सिंगापुर।
एजेंसी, सिंगापुर।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 30 Oct 2021 02:26 AM IST
सार
कोविड वैक्सीन निर्माण और वितरण पर ली ने कहा कि भारत वैश्विक दवा आपूर्ति शृंखला में अहम भूमिका निभा रहा है। कोल्ड चेन क्षमता, विमानन और ट्रांसशिपमेंट हब के तौर सिंगापुर भारत की मदद करना चाहता है।
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प्रधानमंत्री ली सीन लूंग
- फोटो : Social media
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विस्तार
भारत-आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने गुरुवार को कहा कि भागीदार बनकर आसियान भारत की तरक्की का लाभ ले सकता है।
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ली ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन और सार्वजनिक स्वास्थ्य सहयोग ऐसे प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं, जिनमें सिंगापुर आसियान-भारत संबंधों के समन्वयक के तौर पर आगे बढ़ने को प्रतिबद्ध है। भारत के विकास में व्यावहारिक तरीकों से वित्त और व्यापार की सुविधा देकर सिंगापुर आसियान को एक विकसित क्षेत्र बनाने के लिए भारत के समर्थन को महत्व देता है।
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उन्होंने कहा कि भारत और आसियान के बीच एक अंतर-संचालित डिजिटल वित्तीय प्रणाली बनाने की दरकार है, इससे सभी लाभान्वित होंगे।
आसियान-भारत संवाद संबंधों के उद्घाटन वक्तव्य में ली ने कहा कि भारत और सिंगापुर के राजनयिक संबंधों के 30 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 2022 को दोनों पक्षों के बीच ‘मैत्री वर्ष’ के रूप में नामित किया जाएगा। उनके वक्तव्य के बाद भारत और आसियान ने क्षेत्र में चीन के सैन्य दखल पर बढ़ती वैश्विक चिंता के बीच हिंद-प्रशांत महासागरीय क्षेत्र को खुला, पारदर्शिता, समावेशी, संप्रभुता के लिए सम्मान देने वाला और गैर-हस्तक्षेपीय बनाए रखने का संकल्प लिया।
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इसके साथ ही संसाधन संपन्न दक्षिण चीन सागर में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बनाए रखने व आसियान-भारत के साथ ही उन्य उपयुक्त मंचों पर समुद्री सुरक्षा और सूचना साझा करने सहित समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने का भी संल्पक लिया गया।
आसियान को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली समूह माना जाता है। आसियान देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। भारत, अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया इसके संवाद भागीदार हैं।