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Politics: केंद्र बताए ड्रैगन को लेकर रुख में बदलाव क्यों? पीएम मोदी की चीन यात्रा पर ओवैसी का तीखा सवाल

Tue, 19 Aug 2025 06:14 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 19 Aug 2025 06:14 AM IST
सार

एससीओ सम्मेलन के लिए पीएम मोदी की चीन यात्रा से पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से चीन पर रुख साफ करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को हथियार व सैटेलाइट डेटा दिया, जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर में हुआ। ऐसे में सरकार को देश को जवाब देना चाहिए कि वह चीन से सख्ती क्यों नहीं दिखा रही।

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Asaduddin Owaisi sharp question on PM Modi China visit Center explain why change in attitude towards dragon?
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : ANI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से एक सितंबर के बीच शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जाने वाले हैं। ऐसे में अब इस बात को लेकर भारत में सियासत तेज हो गई है। पीएम मोदी की आगामी चीन यात्रा को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पीएम मोदी के इस यात्रा से पहले केंद्र सरकार से चीन को लेकर अपना रुख साफ करने की मांग की है। 

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बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से एक सितंबर के बीच शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने चीन के तियानजिन जाने वाले हैं। चीन ने इस यात्रा का स्वागत किया है और इसे सहयोग और विकास का प्रतीक बताया है।

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पीएम मोदी की चीन यात्रा पर क्या बोले ओवैसी?
एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार के चीन को लेकर रुख में जो यू-टर्न आया है, उस पर कई सवाल हैं। सरकार को चाहिए कि पीएम की यात्रा से पहले देश को जवाब दे। उन्होंने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को हथियार और फाइटर जेट दिए, जिनका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे जवानों के खिलाफ हुआ। साथ ही चीन ने इंटेलिजेंस और सैटेलाइट डेटा भी पाकिस्तान को दिया। ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि हम चीन को यह साफ क्यों नहीं कह रहे कि यह अस्वीकार्य है?
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दलाई लामा के मामले में भी बोल ओवैसी

ओवैसी ने आगे कहा कि जब पीएम मोदी ने दलाई लामा को 90वें जन्मदिन की बधाई दी, तब चीन ने कड़ी आपत्ति जताई, लेकिन भारत सरकार ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि चीन ने भारत से कहा कि वह तिब्बत जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सतर्क रहे और आंतरिक मामलों में दखल न दे। ओवैसी ने पूछा कि क्या यह हमारे राष्ट्रीय सम्मान का सवाल नहीं है? इसके साथ ही ओवैसी ने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच व्यापार असंतुलन 2020 से और बढ़ा है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है। लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं दिख रही।

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वांग यी की भारत यात्रा और बातचीत
इसी बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत दौरे पर हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से सीमा विवाद और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इस दौरान जयशंकर ने बातचीत में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना आज की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। हम भारत-चीन संबंधों को संतुलित और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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