फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Army vs Police again in Pakistan: Angry soldiers surrounded the police station due to raid on army personnel

पाकिस्तान में फिर सेना vs पुलिस: सैन्यकर्मी पर छापेमारी से नाराज जवानों ने थाना घेरा, पुलिसवालों को बंधक बनाया

Sat, 13 Apr 2024 09:46 AM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बहावलनगर/लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बहावलनगर/लाहौर Published by: आदर्श शर्मा Updated Sat, 13 Apr 2024 09:46 AM IST
सार

पाकिस्तान में सेवारत सैन्यकर्मी के घर छापेमारी के बाद सेना के जवानों ने पुलिस स्टेशनों को ही निशाना बना दिया। छापेमारी दल पर एसओपी का उल्लंघन करने, हिरासत में लिए गए लोगों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं करने का मामला दर्ज किया गया। पंजाब आईजीपी ने सोशल मीडिया पर 'गलत सूचना' की निंदा की। 

विज्ञापन
Army vs Police again in Pakistan: Angry soldiers surrounded the police station due to raid on army personnel
पाकिस्तान सेना (सांकेतिक फोटो) - फोटो : DAWN

विस्तार

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार और पाकिस्तान सेना ने शुक्रवार को एक सेवारत अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सेना के जवानों के बीच चल रही जंग की जांच कराने का फैसला किया, ईद के दिन यह मुद्दा सोशल मीडिया का चर्चा का विषय बना रहा। गौरतलब है कि मदरसा पुलिस के स्टेशन हाउस अधिकारी समेत चार कर्मियों पर एक व्यक्ति और उसके दो बेटों को अधिकार के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 
विज्ञापन


मामले में एक पुलिस एसएचओ निलंबित
इस मामले ने तूल पकड़ा और एक अन्य पुलिसकर्मी मारूट पुलिस एसएचओ को निलंबित कर दिया गया और सोशल मीडिया पर गलत सूचना प्रसारित करने के लिए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। गौरतलब है कि 10 अप्रैल को मदरसा पुलिस में इंस्पेक्टर सैफुल्लाह हनीफ की शिकायत पर दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया है कि पूर्व एसआई/एसएचओ रिजवान अब्बास, एएसआई मोहम्मद नईम, कांस्टेबल मोहम्मद अब्बास और अली रजा ने मोहम्मद खलील और मोहम्मद इदरीस और उनके पिता मोहम्मद अनवर को गिरफ्तार किया, जिन्हें 8 अप्रैल को दर्ज हुई एफआईआर में नामित किया गया था। 
विज्ञापन


बिना लाइसेंस की पिस्तौल रखने के आरोप में की थी छापेमारी
आरोपी पुलिसकर्मियों ने उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बजाए 24 घंटे से अधिक समय तक थाने में हिरासत में रखा। सूत्रों के मुताबिक, एएसआई नईम और थानेदार रिजवान अब्बास ने सात अप्रैल को चक सरकारी निवासी मोहम्मद अनवर के बेटे रफाकत को बिना लाइसेंस की पिस्तौल रखने के आरोप में गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पर छापेमारी की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही वीडियो
इस बीच, अनवर के बेटे मोहम्मद खलील, एक सैन्य अधिकारी, ने अपने भाई इदरीस और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दो पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। जल्द ही, पुलिस अधिकारियों को बंधक बनाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। इसी बीच, पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और थानेदार और एएसआई को मुक्त कराया और मोहम्मद अनवर और उसके बेटों खलील और इदरीस को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस ने न केवल परिवार के सदस्यों को गंभीर यातनाएं दीं बल्कि घर में तोड़फोड़ भी की। इस हरकत का एक वीडियो भी वायरल हुआ।


वहीं एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि बहावलनगर की घटना खेदजनक है और पंजाब सरकार ने इस घटना के तथ्यों का पता लगाने और जिम्मेदारी तय करने के लिए गृह विभाग के साथ-साथ राज्य सुरक्षा एजेंसियों को शामिल करते हुए एक संयुक्त जांच दल का गठन किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed