{"_id":"5fcbf6b48ebc3ecfd02f5fc9","slug":"approval-of-post-office-bill-in-the-name-of-sikh-officer-sandeep-singh-dhaliwal-in-america","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका में सिख अधिकारी के नाम से पोस्ट ऑफिस संबंधी विधेयक को मिली मंजूरी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका में सिख अधिकारी के नाम से पोस्ट ऑफिस संबंधी विधेयक को मिली मंजूरी
Sun, 06 Dec 2020 02:38 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 06 Dec 2020 02:38 AM IST
विज्ञापन
Sandeep Singh Dhariwal
- फोटो : sandeep singh dhariwal - फोटो : @HCCOST
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के उच्च सदन ‘सीनेट’ ने ह्यूस्टन शहर के एक पोस्ट ऑफिस का नाम सिख पुलिस अधिकारी संदीप सिंह धालीवाल के नाम पर रखने संबंधी विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। एक साल पूर्व धालीवाल की हत्या ड्यूटी के दौरान उस वक्त कर दी गई थी जब वह यातायात संभाल रहे थे। अब इस विधेयक को अंतिम मुहर के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।
विज्ञापन
अमेरिकी संसद में पारित हुआ बिल, संदीप सिंह धालीवाल को दिया बड़ा सम्मान
सीनेट से मिली मंजूरी से पहले कांग्रेस के निचले सदन ‘प्रतिनिधि सभा’ ने ह्यूस्टन के 315 एडिक्स हावेल रोड स्थित पोस्ट ऑफिस का नाम ‘डिप्टी संदीप सिंह धालीवाल पोस्ट ऑफिस बिल्डिंग’ करने की मंजूरी मिल चुकी है। कांग्रेस के दोनों सदनों से पारित हो चुके इस विधेयक को अब अमेरिकी राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा जहां वे इस पर हस्ताक्षर करके इसे लागू करेंगे।
विज्ञापन
इसके बाद ह्यूस्टन स्थित किसी पोस्ट ऑफिस को भारतीय के नाम से पुकारा जाने लगेगा। इससे पहले दक्षिण कैलिफोर्निया में कांग्रेस सदस्य रहे दलीप सिंह सौंध को 2006 में यह सम्मान मिला था। धालीवाल के पिता प्यारा सिंह धारीवाल अपने बेटे के नाम पर पोस्ट ऑफिस का नाम रखे जाने की मिली मंजूरी से काफी खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारा परिवार बेटे के कार्यों के प्रति मिले प्यार और समर्थन का अभारी है।’
विज्ञापन
पगड़ी के साथ ड्यूटी के लिए मिली नियुक्ति
भारत में जन्मे संदीप सिंह धालीवाल अपने माता-पिता के साथ ह्यूटन चले गए, जहां उन्होंने गहरी जड़ें जमा लीं। 2015 में टेक्सास स्थित हैरिस काउंटी शेरिफ कार्यालय में वे ऐसे पहले सिख बने जिन्होंने अपनी पगड़ी और दाढ़ी समेत धार्मिक आस्था से जुड़े लेखों को पहनकर सेवा का मौका हासिल किया। वे अमेरिका के सिखों के लिए रोल-मॉडल भी रहे।
सांसदों ने धालीवाल को याद किया
सीनेटर रेड क्रूज ने कहा कि अब ह्यूस्टन का पोस्ट ऑफिस अल्पसंख्यक और सिख-अमेरिकियों के बीच स्मारक के तौर जाना जाएगा। यह दिवंगत आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि भी है। सांसद जॉन क्रॉनिन ने भी ऐसे साहसी लोगों को मिलने वाला यह सम्मान देश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बहादुर लोगों ने उनके समुदाय के लिए बहुत कुछ किया है।