फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Antigua and Barbuda prefers repatriation of choksi from dominica to India directly

शिकंजे में मेहुल: एंटीगुआ के पीएम बोले- चोकसी अब बना डोमिनिका की समस्या

Fri, 04 Jun 2021 06:40 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एंटीगुआ
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एंटीगुआ Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 04 Jun 2021 06:40 AM IST
विज्ञापन
Antigua and Barbuda prefers repatriation of choksi from dominica to India directly
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होने पहुंचा मेहुल चोकसी - फोटो : Dominica NewsOnline

भगोडे़ मेहुल चोकसी को भारत लाने की कवायद तेज हो गई हैं। एंटीगुआ और बारबुडा चाहता है कि भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका से सीधे भारत भेजा जाए।कैरेबियाई द्वीप देश की कैबिनेट ने एक बैठक में ये फैसला लिया। प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा कि चोकसी अब डोमिनिका की समस्या बन गया है। 

विज्ञापन


प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने अपने फेसबुक पर लिखा कि उनके मंत्रिमंडल ने चोकसी के मामले पर चर्चा की और साथ ही कहा कि चोकसी अब डोमिनिका की समस्या है। अगर वह वापस एंटीगुआ आते हैं तो समस्या हमारे लिए होगी। इसलिए बेहतर होगा कि चोकसी को डोमिनिका से भारत ही भेज दिया जाए। बता दें कि ब्राउन पहले ही कह चुके हैं कि चोकसी को डोमिनिका से सीधे भारत भेजा जाए। 
विज्ञापन


एंटीगुआ की कैबिनेट में चोकसी को सीधे भारत को सौंपने का फैसला 
एंटीगुआ एंड बरबुडा के पीएम गेस्टन ब्राउन के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में चोकसी को सीधे भारत के हवाले करने का फैसला लिया गया। ब्राउन पहले ही इस बारे में बयान दे चुके हैं। मंत्रियों ने माना कि भारत में उसके खिलाफ आर्थिक धोखाधड़ी का मामला चल रहा है और उसे भारत को सौंप देना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


डोमिनिका की छवि दांव पर
डोमिनिका की कानून को मानने और न्यायप्रिय देश होने की छवि दांव पर लगी है। मेहुल चोकसी मामले पर पूरी दुनिया की नजर है। मामला कैरेबियाई देश के हाईकोर्ट में विचाराधीन है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ओपन और शट केस है और कानूनी तौर पर चोकसी को भारत के हवाले कर दिया जाना तय है। उसने एंटीगुआ में नागरिकता रद्द किये जाने को चुनौती दी है। जबकि एंटीगुआ के प्रधानमंत्री दो टूक कह चुके हैं कि वह भारत का ही नागरिक है और उसे भारत के हवाले किया जाना चाहिए। इन सब के बीच पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि डोमिनिका का हाईकोर्ट क्या फैसला सुनाता है। 

चोकसी 23 मई को एंटीगुआ से लापता हुआ था 
बता दें कि भगोड़ा चोकसी 23 मई को एंटीगुआ से लापता हो गया था और उसने अवैध रूप से डोमिनिका में प्रवेश कर लिया था इसके बाद उसे वहां की पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया था। एंटीगुआ में वह 2018 से एक नागरिक के रूप में रह रहा था।

डोमिनिका की एक अदालत ने गुरुवार को चोकसी की जमानत खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान डोमिनिकन न्यायाधीश बर्नी स्टीफेंसन ने कहा कि भगोड़े व्यवसायी को डोमिनिका में अवैध प्रवेश के आरोपों का मजिस्ट्रेट अदालत में जवाब देना चाहिए।


गौरतलब है कि चोकसी और उसका भतीजा नीरव मोदी 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं। चोकसी देश छोड़कर भाग गया था। उसे जनवरी 2018 में एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता मिल गई। अब भारत से सीबीआई और ईडी की टीम उसे स्वदेश लाने पहुंची हैं। चोकसी का प्रत्यर्पण को रोकने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। कोर्ट में उसके वकील ने कहा कि वह अपनी मर्जी से डोमिनिका नहीं गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed