फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Amidst the threat of Corona, China opened borders, know all about

China: चीन में युवा खुद क्यों हो रहे कोरोना संक्रमित, जानें इम्युनिटी और बुजुर्गों की सुरक्षा से क्या कनेक्शन?

Sat, 07 Jan 2023 11:03 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 07 Jan 2023 11:03 AM IST
सार

चीन में तीन साल से लागू कोरोना पाबंदियां एक झटके में धराशायी हो गईं। लॉकडाउन के खिलाफ जनविरोध से घबराई चीन सरकार ने जीरो कोविड नीति को शिथिल कर ऐसा खतरा मोल ले लिया कि पूरा देश कोरोना विस्फोट की जद में आ गया।

विज्ञापन
Amidst the threat of Corona, China opened borders, know all about
covid cases in china - फोटो : social media

विस्तार

चीन ने देश में कोरोना विस्फोट के बीच अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सीमाएं खोल दी हैं। इससे देश में उत्साह का माहौल है। घूमने फिरने के शौकीन युवाओं में कोविड का भय नहीं है। वे खुद को इस उम्मीद में कोविड संक्रमित कर रहे हैं, ताकि उनमें कोरोना प्रतिरोधक क्षमता आ जाए।

विज्ञापन


जीरो कोविड पॉलिसी में ढील का अंजाम भोगने और देश में लाखों की तादाद में संक्रमित मिलने के बावजूद चीन ने सीमाएं खोलने का कदम उठाया। वहीं, अस्पतालों में न डॉक्टर मिल रहे हैं और न ही एंबुलेंस और न ही बेड। बुजुर्गों की जान सांसत में है। 
विज्ञापन


दूसरी ओर घूमने फिरने की आजादी मिलने से युवा खुद कोविड संक्रमण की जोखिम ले रहे हैं। उनका मानना है कि इससे वे कोविड के खिलाफ इम्युनिटी हासिल कर लें और बार-बार होने वाले संक्रमण से बच जाएं। इससे उनके परिवार में रहने वाले लोगों के लिए संक्रमित होने का खतरा कम हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


युवा चीनियों में खौफ नहीं
चीन में कोविड को लेकर युवाओं की सोच जुदा है। वे अपनी खुशियों की खातिर कोरोना का खतरा मोल लेने को तैयार हैं। शंघाई के एक युवक ने कहा कि उसने कोई चायनीज कोरोना वैक्सीन नहीं ली है, इसके बाद भी छुट्टियों की योजना नहीं बदलेंगे। यह भी भरोसा है कि यदि मैं जानबूझकर संक्रमित हुआ तो ठीक भी हो जाऊंगा और छुट्टी के दौरान फिर से संक्रमित नहीं होऊंगा।
एक अन्य चीनी युवती ने कहा कि वह अपनी कोरोना पॉजिटिव दोस्त से मिलने गई, ताकि उसे भी कोविड हो सके। 

देश की सीमाएं खुलने से रोमांचित
उधर, उत्तरी झेजियांग प्रांत की एक युवती ने कहा कि देश की सीमाएं फिर से खुलने से वह रोमांचित है। वह म्यूजिक कार्यक्रम देखने के लिए फिर से चीन के अन्य हिस्सों में जाने के लिए उत्साहित है। जीवन सामान्य होने की खुशी है। पहले यात्रा करने के लिए आफिस के मैनेजर से अनुमति लेना पड़ती थी, जीवन हास्यास्पद हो गया था। 

सामान्य वक्त लौटा
चीन के बड़े शहरों में लोग मॉल, रेस्तरां और पार्कों में उमड़ने लगे हैं। विदेश यात्राओं के लिए वीजा और पर्यटन परमिट के लिए कतारें लग रही हैं। इन्हें देखकर सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने तो 'सामान्य वक्त लौटा' शीर्षक से सचित्र खबर प्रकाशित की है। 

बुजुर्गों को रही इलाज में मुश्किल
बीजिंग के चेन नामक व्यक्ति की मानें तो चीन में कोविड के इलाज का बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि पिछले माह उनके 85 साल के पिता कोविड संक्रमित हुए तो उन्हें न एंबुलेंस मिली न डॉक्टर। जैसे तैसे उन्हें चायोयांग अस्पताल लेकर गए तो कहा गया कि वे या तो दूसरे अस्पताल जाएं या पिता को गलियारे में आईवी ड्रिप लगवाकर बैठ जाएं। वहां न बेड मिले, न श्वसन में सहायक मशीन और न अन्य मेडिकल उपकरण। हालांकि, विशेष संपर्कों के जरिए उनके पिता को दूसरे अस्पताल में जगह मिल गई, लेकिन तब तक उन्हें फेफड़े में गंभीर संक्रमण फैल चुका था, वह जैसे तैसे बचे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed