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बदलता रुख: तालिबान का भारत को सहयोगी बताना कूटनीतिक रूप से जरूरी, बदले राजनैतिक हालात में भारत की बड़ी कामयाबी
Fri, 10 Jan 2025 04:50 AM IST
शिव शुक्ला
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 10 Jan 2025 04:50 AM IST
सार
पाकिस्तान के साथ तल्ख रिश्तों, ईरान के कमजोर पड़ने, रूस-यूक्रेन जंग और अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी समेत विभिन्न कारणों से बदले भू-राजनीतिक परिदृश्य में अफगानिस्तान अपनी भौगोलिक स्थिति के लिहाज से बेहद अहम हो गया है।
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विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी।
- फोटो : X/@MEAIndia
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विस्तार
भारत को अपना सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सहयोगी बताने और उसकी सुरक्षा चिंताओं पर ध्यान देने के तालिबान सरकार का बयान कूटनीतिक रूप से बेहद अहम है। खासकर चीन-पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियों को देखते हुए। अफगानिस्तान के बदले रवैये को भारत की कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। वैसे भी भू-राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव के बीच अफगानिस्तान का साथ भारत के लिए अहम हो गया है।
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भू-राजनीतिक बदलाव में बढ़ी अहमियत
पाकिस्तान के साथ तल्ख रिश्तों, ईरान के कमजोर पड़ने, रूस-यूक्रेन जंग और अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी समेत विभिन्न कारणों से बदले भू-राजनीतिक परिदृश्य में अफगानिस्तान अपनी भौगोलिक स्थिति के लिहाज से बेहद अहम हो गया है। ऐसे में भारत के लिए एक ऐसे देश की तरफ गौर करना जरूरी हो जाता है तो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद मायने रखता है। बता दें कि भारत ने अफगानिस्तान में विकास परियोजनाओं पर अच्छा-खासा निवेश कर रखा है।
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रूस बढ़ा रहा नजदीकी
पिछले तीन साल यूक्रेन के साथ जंग लड़ रहा रूस आतंक के खिलाफ जंग में अफगानिस्तान को अहम सहयोगी बताकर उसके साथ नजदीकी बढ़ा रहा है। दिसंबर 2024 में रूसी संसद तालिबान को रूस के प्रतिबंधित संगठनों की सूची से बाहर निकालने वाले कानून के पक्ष में मतदान कर चुकी है।
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चीन ने प्राकृतिक संसाधनों पर टिका रखी नजर
चीन तालिबान से राजनयिक संबंध बहाल करने के साथ बीआरआई द्वारा अफगानिस्तानी प्राकृतिक संसाधनों पर भी नजर गड़ाए है। नई दिल्ली मानता है कि अमेरिका, यूरोप व भारत के अफगानिस्तान से बाहर होने पर चीन वहां बर्चस्व बढ़ाएगा।
पाकिस्तान की नापाक हरकतें
एक समय पर तालिबान को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का बड़ा हाथ रहा है। भारत और भारतीय हितों के विरुद्ध अफगानिस्तान का इस्तेमाल एक बड़ी चिंता रही है। अब पाकिस्तान की तालिबान से रिश्तों में खटास के बाद वह फिर हरकतें कर रहा है।