{"_id":"618211e7bd9931764b0d59aa","slug":"amid-of-economic-crisistaliban-announces-a-complete-ban-use-of-foreign-currency","type":"story","status":"publish","title_hn":"नया फरमान: अफगानिस्तान में विदेशी करेंसी पर लगी रोक, घरेलू लेन-देन के लिए अफगानी मुद्रा का ही करना होगा प्रयोग","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
नया फरमान: अफगानिस्तान में विदेशी करेंसी पर लगी रोक, घरेलू लेन-देन के लिए अफगानी मुद्रा का ही करना होगा प्रयोग
Wed, 03 Nov 2021 10:06 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Wed, 03 Nov 2021 10:06 AM IST
सार
तालिबान सरकार ने यह फैसला ऐसे समय पर सुनाया है, जब बैंक नकदी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस फैसले से आर्थिक संकट और भी ज्यादा गहराने की आशंका है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
विस्तार
तालिबान शासन के बाद से अफगानिस्तान के आर्थिक हालात बदतर हो चुके हैं। यहां के बैंक नकदी की कमी से जूझ रहे हैं। अफगानी मुद्रा का तेजी से अवमूल्यन हो रहा है। लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं, वे भूख से तड़प रहे हैं। ऐसे में तालिबानी सरकार ने एक और ऐसा फैसला सुनाया है, जिसने अफगान के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है। दरअसल, तालिबान ने आदेश दिया है कि अफगान नागरिक देश के अंदर सिर्फ और सिर्फ अफगान मुद्रा का ही प्रयोग किसी भी लेनदेन के लिए करेंगे। इस आदेश के बाद से देश के अंदर एक और नया आर्थिक संकट खड़ा होने की संभावना है।
विज्ञापन
क्यों जारी किया तालिबान ने आदेश
अफगानिस्तान के अंदर कई जगह पर लेन-देन अमेरिकी डॉलर के माध्यम से किया जाता है। वहीं पाकिस्तान से सटी हुई सीमाओं में पाकिस्तानी मुद्रा यानी पाक रुपये का उपयोग किया जाता है। इस विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर प्रतिबंध लगाने के लिए तालिबान ने यह नया आदेश पारित किया है। इसके तहत अफगानियों को अफगान मुद्रा का ही उपयोग करना होगा।
विज्ञापन
आदेश न मानने वाले को मिलेगी सजा
तालिबान सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय हित में आम नागरिक, व्यापारी, छोटे दुकानदार घरेलू व्यापार के लिए अफगान मुद्रा का ही उपयोग करेंगे। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और कठोर सजा भी दी जाएगी।
विज्ञापन
तालिबान सरकार को नहीं मिली है मान्यता
अफगानिस्तान के अंदर गंभीर आर्थिक संकट का मुख्य कारण है तालिबान सरकार को मान्यता न मिलना। दरअसल, अगस्त से तालिबान शासन के बाद से अफगानिस्तान को मिलने वाली विदेशी सहायता बिल्कुल बंद हो गई है। किसी भी देश ने अभी तक तालिबान को कानूनी तौर पर मान्यता नहीं दी है, जिससे आर्थिक समस्या उत्पन्न हो रही है। यही कारण है कि अफगान की मुद्रा जो विदेशों में जमा है, उसे भी तालिबान प्रयोग नहीं कर पा रहा है।