फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Americans afraid of having political views, 62 percent believed it could pose danger if detected, says reports

राजनीतिक विचार रखने से डर रहे अमेरिकी, 62% ने माना पता लगने पर पैदा हो सकता है खतरा

Sun, 26 Jul 2020 02:05 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Sun, 26 Jul 2020 02:05 PM IST
विज्ञापन
Americans afraid of having political views, 62 percent believed it could pose danger if detected, says reports
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : america US flag

अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक देश में भी लोग अपनी राय साझा करने से कतरा रहे हैं। एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। लोगों का कहना है कि उनकी सोच का पता लगने पर उनके सामने नौकरी गंवाने का संकट खड़ा हो सकता है। दरअसल, देश में राजनीतिक माहौल पर कैटो इंस्टीट्यूट और यू-गव द्वारा एक सर्वेक्षण किया गया था, जिसकी रिपोर्ट जारी की गई है। 

विज्ञापन


इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका में लोग अपने विचारों को साझा करने में डर रहे हैं, उन्हें इस बात का डर है कि उनसे सहमत नहीं होने वाले लोग उनपर हमला कर सकते हैं। इसमें बताया गया है कि 62 फीसदी लोगों का मानना है कि वे अपने राजनीतिक राय को साझा करने से डरते हैं, क्योंकि उनसे असहमत लोग उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। 
विज्ञापन



कम आय वाले लोगों में ज्यादा डर
इसमें बताया गया है कि सबसे ज्यादा डर कम आय वाले लोगों के भीतर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन परिवारों की सालाना आय 15 लाख रुपये हैं, उनमें से 36 फीसदी परिवारों का मानना है कि विचारधारा जैसे मुद्दे रोजगार को प्रभावित करते हैं। वहीं, उच्च आय वाले परिवार, जिनकी सालाना आय 75 लाख रुपये से ज्यादा है, उनमें से 33 फीसदी भी ऐसी ही राय रखते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: अमेरिका: नस्ली हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भीड़ में घुसी कार, प्रदर्शनकारी को लगी गोली

32 फीसदी लोगों को डर विचारधारा पता चलने पर जा सकती है नौकरी 
रिपोर्ट में कहा गया है कि 32 फीसदी नौकरीपेशा लोगों ने इस बात को कबूल किया है कि अगर उनके विचार के बारे में उनकी कंपनी या मालिक को पता चलता है तो उन्हें नौकरी गंवानी पड़ सकती है। इसमें पार्टियों का समर्थन करने वाले लोगों को लेकर भी सर्वेक्षण किया गया, जिसमें सामने आया कि रिपब्लिकन पार्टी को समर्थन देने वाले 38 फीसदी लोगों को लगता है कि उनकी विचारधारा को लेकर उन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है। वहीं, डेमोक्रेट्स पार्टी के 28 फीसदी समर्थकों का भी यही मानना है। 


ट्रंप के समर्थकों में सबसे ज्यादा डर
वर्तमान में अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की सरकार है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसी पार्टी से हैं। इसके बाद भी सबसे ज्यादा डर इस पार्टी के समर्थकों में है। रिपोर्ट में सामने आया कि 10 में से 8 रिपब्लिकन समर्थक को लगता है कि अगर उसकी विचारधारा के बारे में पता चल गया, तो उस पर हमला हो सकता है। 

यह भी पढ़ें: उत्तर कोरिया में कोरोना का पहला संदिग्ध मरीज मिला, किम ने दक्षिण कोरिया से सटे शहर में लगाया आपातकाल

अश्वेत के मुकाबले श्वेत नागरिकों में ज्यादा डर
रिपोर्ट में यह बात निकलकर सामने आई है कि पिछले तीन साल में हर विचारधारा वाले लोगों के बीच डर का माहौल है। फिर वो चाहे कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोग हों या उदारवादी विचारधारा वाले। इसमें कहा गया है कि 35 फीसदी पुरुष और 27 फीसदी महिलाओं को भी लगता है कि विचारधारा जाहिर करने पर खतरा पैदा हो सकता है। सबसे चौकाने वाली बात है कि अश्वेत की तुलना में श्वेत अमेरिकियों के बीच सबसे ज्यादा डर का माहौल है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed