फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   American thinktank Report dispute will increase in South Asia due to China

चीन के कारण दक्षिण एशिया में और बढ़ेगा संघर्ष, भारत पर निशाना साधने के लिए पाक की मदद : रिपोर्ट

Fri, 18 Dec 2020 01:05 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन Published by: देव कश्यप Updated Fri, 18 Dec 2020 01:05 AM IST
विज्ञापन
American thinktank Report dispute will increase in South Asia due to China
भारत-चीन गतिरोध (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay

चीन की दक्षिण एशिया में बढ़ती भूमिका का क्षेत्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में अहम प्रभाव पड़ सकता है। यह बात एक अमेरिकी थिंकटैंक ने एक रिपोर्ट में देते हुए कहा है कि चीन इस क्षेत्र में भारत पर निशाना साधने के लिए पाकिस्तान की मदद कर रहा है। ऐसे में हिमालय से हिंद महासागर तक तनाव के चलते आगामी दशकों में चीन के कारण दक्षिण एशिया में संघर्ष और बढ़ सकता है।

विज्ञापन


यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस नामक थिंकटैंक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि चीन की भागीदारी से क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना एक सफल नीति बनाने और अमेरिका के हितों एवं मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए अहम होगा। यह रिपोर्ट एक द्विदलीय समूह ने तैयार की है जिसमें वरिष्ठ विशेषज्ञ, पूर्व नीति निर्माता और सेवानिवृत्त राजनयिक आदि शामिल हैं।
विज्ञापन



रिपोर्ट चायनाज इंफ्लुएंस ऑन कॉन्फ्लिक्ट डायनामिक्स इन साउथ एशिया स्टेट्स में कहा गया है कि क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी से दक्षिण एशिया में स्थिति पहले ही बदलनी शुरू हो गई है। थिंकटैंक ने कहा, भारत-पाक विवाद में चीन ने तटस्थ रुख अपनाने की बजाय अधिकतर पाकिस्तान का ही साथ दिया है, ताकि एशिया में भारत की ताकत कम हो सके। खासकर गत वर्ष, चीन ने कश्मीर मामले में पाकिस्तान के लिए अपना समर्थन दोगुना कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत-चीन में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
रिपोर्ट के अनुसार चीन-भारत सीमावर्ती इलाके आगे भी चर्चा का विषय बने रहेंगे। भारत और चीन के रिश्ते और अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे और एशिया की दो सबसे बड़ी ताकतें, पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए संघर्ष करेंगी। यह पाया गया कि अमेरिका और चीन दोनों ही दक्षिण एशिया को महत्वपूर्ण मानते हैं, हालांकि यह क्षेत्र दोनों की ही शीर्ष भू-राजनीतिक प्राथमिकता नहीं है। 

दस लोकतांत्रिक देशों के गठबंधन की योजना
दक्षिण एशिया में चीन की विस्तारवादी नीतियों का विरोध कर रहे अमेरिका व ब्रिटेन आगामी दिनों में दस प्रमुख लोकतांत्रिक देशों का गठबंधन (डी-10) बनाने की योजना बना रहे हैं। इन देशों ने भारत को महत्व देते हुए जी-7 में शामिल करने के बाद डी-10 के जरिये इन देशों की कोशिश लोकतांत्रिक देशों को चीन के विरुद्ध एकजुट करने की तैयारी है क्योंकि चीन में लोकतंत्र नहीं है। बता दें कि अमेरिका-ब्रिटेन दोनों ही देश अपनी विदेश नीति में भारत को सर्वाधिक महत्व दे रहे हैं।


चीन के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है अमेरिका
भारत-चीन सीमा समेत हांगकांग, ताइवान और दक्षिण सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता पर चिंता जताते हुए व्हाइट हाउस ने कहा कि भारत के साथ चीनी सैन्य गतिरोध में अमेरिका हर तरह से नई दिल्ली के साथ खड़ा है। नाम न जाहिर करने की शर्त पर व्हाइट हाउस के अधिकारी ने बताया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत को सर्वाधिक हथियार आपूर्ति करने वाले देशों में अमेरिका ने दूसरे नंबर पर अपना नाम दर्ज करा लिया है। अधिकारी ने कहा कि हम भारत के साथ हैं और तनावपूर्ण हालात को खत्म करने के लिए प्रयास में समर्थन दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed