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खुलासा: माइक्रोवेव ऊर्जा से बीमार हुए थे अमेरिकी राजनयिक
Mon, 07 Dec 2020 01:23 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 07 Dec 2020 01:23 AM IST
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अमेरिका की राष्ट्रीय विज्ञान समिति अकादमी की एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन और क्यूबा में अमेरिकी राजनयिक निर्देशित माइक्रोवेव विकिरण के कारण बीमार हुए होंगे। विदेश मंत्रालय ने यह अध्ययन कराया। जारी हुई रिपोर्ट 2016 में हवाना में अमेरिकी राजनयिकों के अचानक किसी रहस्मयी बीमारी की चपेट में आने के मामले का पता लगाने की कड़ी में नया प्रयास है।
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इस अध्ययन में पाया गया कि ‘सिर में भारी दबाव महसूस करना, चक्कर आना और अन्य दिक्कतें निर्दिष्ट, पल्स रेडियो फ्रीक्वेंसी ऊर्जा के कारण हुई हो सकती हैं।’
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अध्ययन में हालांकि ऊर्जा के स्रोत के बारे में नहीं बताया गया और यह भी नहीं कहा गया कि यह किसी हमले के बाद पैदा हुई थी, लेकिन यह जरूर कहा गया कि इस प्रकार की बीमारी पर पूर्व में सोवियत संघ में शोध हुए थे। इस रिपोर्ट में 19 सदस्यीय समिति ने कहा कि इस चिकित्सा रहस्य की तह तक जाने में उन्हें कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
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इनमें से सभी में लक्षण समान नहीं थे और नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज रिसर्च बीमारी पर अतीत में हुए सभी अध्ययनों के नतीजे हासिल नहीं कर सकी जिनमें से कुछ गोपनीय थे। समिति के अध्यक्ष डेविड रिलमैन ने कहा, हमने पाया कि ये मामले काफी चिंताजनक हैं।
भविष्य में ऐसे मामलों से निपटना जरूरी
ताजा रिपोर्ट को बनाने वाली 19 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष डेविड रिलमैन ने बताया कि हालात इसलिए चिंताजनक हैं क्योंकि ये न सिर्फ निर्देशित पल्स रेडियो फ्रीक्वेंसी ऊर्जा को एक तंत्र के रूप में इस्तेमाल करने की भूमिका के संदर्भ में हैं, बल्कि इसमें अहम दिक्कतें भी पैदा हुई हैं।
उन्होंने कहा, हमें भविष्य में सामने आने वाले ऐसे मामलों से एक ठोस और व्यापक दृष्टिकोण के साथ निपटने की आवश्यकता है।
इस तरह हुए थे रहस्यमयी हमले
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 40 से ज्यादा अमेरिकी राजनयिकों पर हुए रहस्यमयी हमलों की जांच की। इनमें से कई लोगों ने बताया कि उन्हें बहुत तेज आवाज सुनाई दी और सिर में दबाव महसूस होने लगा और इसके बाद उनका सिर चकराने लगा तथा देखने में दिक्कत होने लगी।
वर्ष 2016 में क्यूबा में अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों ने शिकायत की थी कि उन्हें उल्टी, नाक से खून और बेचैनी हो रही है। इस मामले के बाद इसे हवाना सिंड्रोम कहा जाने लगा। कहा जाता है कि अमेरिकी अधिकारियों के खिलाफ छिपकर सोनिक वेपन का इस्तेमाल किया गया था।