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अल कायदा के आतंकी को मदद करता था भारतीय नागरिक, मिली 27 साल की कैद!
एजेंसी, वाशिंगटन।
Updated Tue, 11 Jul 2017 09:59 PM IST
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अलकायदा को सहयोग करने वाले को सजा
- फोटो : file photo
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अमेरिका में एक भारतीय शख्स को अलकायदा के एक प्रमुख नेता को आर्थिक मदद देने और एक जिला न्यायाधीश व अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ हिंसक जिहाद का समर्थन करने का दोषी पाया गया है। न्यायिक विभाग के मुताबिक, 39 वर्षीय याह्या फारुक मोहम्मद नामक इस शख्स को 27 साल की जेल व निर्वासन की सजा भुगतनी पड़ सकती है। याह्या फारुक ने 2008 में एक अमेरिकी नागरिक से शादी की थी।
कार्यवाहक सहायक अटार्नी जनरल डाना जे बोनटे ने कहा, ‘अभियुक्त ने अलकायदा आतंकी अनवर अल-अवलाकी की हिंसक जिहाद की अपील पर वित्तीय मदद करने की साजिश रची या वित्तीय मदद प्रदान की थी। फारुक आहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में 2002-2004 में इंजीनियरिंग का स्टूडेंट रह चुका। उसके साथ तीन और आरोपी हैं, जिनमें उसका भाई इब्राहिम मोहम्मद और दो अमेरिकी नागरिक - आसिफ अहमद सलीम और सुल्तान रूम सलीम शामिल हैं। दोनों अमेरिकी नागरिक भाई हैं।
फारुक के अलावा बाकी तीन आरोपियों को फिलहाल दोषी नहीं पाया गया है। फारुक ने स्वीकार किया है कि वो और उसके साथी अनवर अल-अवलाकी को डॉलर, उपकरण और अन्य सहायता देने के लिए यमन जाने की योजना बना रहे थे। अनवर को ये मदद इराक, अफगानिस्तान और पूरे विश्व में हिंसक जिहाद फैलाने के लिए की जानी थी। अनवर को 2010 में वैश्विक आतंकी घोषित किया गया था। उसकी पहचान अरेबियाई प्रायद्वीप में अल-कायदा के प्रमुख नेता के तौर पर की गई थी।
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कार्यवाहक सहायक अटार्नी जनरल डाना जे बोनटे ने कहा, ‘अभियुक्त ने अलकायदा आतंकी अनवर अल-अवलाकी की हिंसक जिहाद की अपील पर वित्तीय मदद करने की साजिश रची या वित्तीय मदद प्रदान की थी। फारुक आहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में 2002-2004 में इंजीनियरिंग का स्टूडेंट रह चुका। उसके साथ तीन और आरोपी हैं, जिनमें उसका भाई इब्राहिम मोहम्मद और दो अमेरिकी नागरिक - आसिफ अहमद सलीम और सुल्तान रूम सलीम शामिल हैं। दोनों अमेरिकी नागरिक भाई हैं।
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फारुक के अलावा बाकी तीन आरोपियों को फिलहाल दोषी नहीं पाया गया है। फारुक ने स्वीकार किया है कि वो और उसके साथी अनवर अल-अवलाकी को डॉलर, उपकरण और अन्य सहायता देने के लिए यमन जाने की योजना बना रहे थे। अनवर को ये मदद इराक, अफगानिस्तान और पूरे विश्व में हिंसक जिहाद फैलाने के लिए की जानी थी। अनवर को 2010 में वैश्विक आतंकी घोषित किया गया था। उसकी पहचान अरेबियाई प्रायद्वीप में अल-कायदा के प्रमुख नेता के तौर पर की गई थी।
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