ट्रंप के खिलाफ शक्तियों के दुरुपयोग की निंदा, विवादित मेमो पर FBI का पलटवार

न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन Updated Sun, 04 Feb 2018 03:21 AM IST
FBI condemns misuse of powers by Donald trump on controversial memo
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अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के विवादित मेमो (ज्ञापन) को अंतत: जारी कर दिया गया। इसमें अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई और न्याय मंत्रालय के नेताओं द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के खिलाफ रूस संबंधी मामला बनाने के लिए शक्तियों का दुरुपयोग करने की निंदा की गई है। मेमो जारी होने के बाद एक तरफ व्हाइट हाउस और रिपब्लिकनों के बीच और दूसरी तरफ न्याय मंत्रालय और एफबीआई के बीच का टकराव अविश्वास की हद तक बढ़ गया है। ट्रंप ने इस मेमो को सार्वजनिक करने की अनुमति दी और इसे ‘शर्मनाक’ तक कह डाला।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ज्ञापन को सार्वजनिक करने की मंजूरी देते हुए इसे ‘शर्मनाक’ बताया
 
रिपब्लिकन पार्टी सांसदों द्वारा तैयार इस ज्ञापन में ट्रंप के चुनाव अभियान के दौरान खुफिया निगरानी होने की जानकारी की बात कही गई है। इसमें न्याय विभाग और एफबीआई की तरफ से ट्रंप के करीबी सहयोगी कार्टर पेज के खिलाफ निगरानी करने के लिए वारंट की मांग की वैधता पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। 

FBI से ट्रंप का बढ़ा टकराव
 
इस ज्ञापन में सबसे बड़ी बात यह कही गई है कि ट्रंप के खिलाफ लगने वाले आरोपों पर दस्तावेज का संकलन उनकी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने ब्रिटेन के पूर्व खुफिया एजेंट क्रिस्टोफर स्टील से कराया था। इस काम के लिए हिलेरी ने उन्हें धन भी मुहैया कराया।

संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने इस ज्ञापन दस्तावेज को गलत बताया है। रिपब्लिकन पार्टी ने भारतीय समयानुसार शनिवार को हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के पटल पर इसे जारी किया। इसके बाद मेमो को लेकर अमेरिका में माहौल गरमा गया है। दस्तावेज में दी गई जानकारी के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने ओवर ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि कई लोगों को खुद पर शर्मिंदा होना चाहिए। 

ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है जो भी हो रहा है वह ‘शर्मनाक’ है। दरअसल यह ज्ञापन प्रत्यक्ष तौर पर 2016 के अमेरिकी चुनाव में उन पर रूस के सहयोग लेने के आरोपों से संबंधित है। 

बातें करना बेमानी, इस विवाद से भ्रमित न हों : एफबीआई

एफबीआई और ट्रंप प्रशासन के बीच इस मेमो को लेकर बढ़ते टकराव का सबसे बड़ा उदाहरण एजेंसी के एक वीडियो और लिखित बयान से उजागर होता है। एफबीआई ने सार्वजनिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा लेकिन निदेशक क्रिस्टोफर ए. रे ने अपने कर्मचारियों को एक वीडियो और एक लिखित बयान भेजकर इस विवाद से भ्रमित नहीं होने का आग्रह किया है। 

रे ने कहा, अमेरिकी लोग समाचार पत्र पढ़ते हैं और केबल टीवी और सोशल मीडिया पर काफी कुछ सुनते हैं। लेकिन वे साथ ही उस काम को भी देखते और समझते हैं जो आप वास्तव में जो काम करते हैं।

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