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अमेरिकी सीनेट ने भारतीय लोहे का इस्तेमाल रोकने की ट्रंप से की अपील
amarujala.com- Presented By: अभिषेक तिवारी
Updated Fri, 31 Mar 2017 09:30 PM IST
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : Forbes
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अमेरिकी सीनेट के 9 डेमोक्रेटिक सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि वह कनाडा की कंपनी को विदेश में बने लोहे का इस्तेमाल नहीं करने दें। अरबों रुपये की विवादित ट्रांस-नेशनल कीस्टोन तेल पाइपलाइन परियोजना के संदर्भ में इन सांसदों ने खासतौर पर भारत और इटली से मंगाए जाने वाले लोहे को लेकर यह बात कही है।
इन नौ डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप को भेजे अपने संयुक्त पत्र में कहा कि - ‘आपका ज्ञापन मुख्यतया नई और विस्तारित पाइपलाइन परियोजनाओं का बचाव करता है। इस कारण यह जानकर हम काफी भ्रमित और निराश हैं कि कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन परियोजना में इस्तेमाल होने वाला पूरा स्टील अमेरिका का नहीं होगा।’ इस पत्र की एक प्रति मीडिया को भी जारी की गई है। पत्र में कहा गया है कि - ‘हम इस बात से भी चिंतित हैं कि कनाडा की इस कंपनी को भारत और इटली जैसे देशों से स्टील मंगवाने की अनुमति देकर आप एक ऐसी प्रथा को जन्म दे रहे हैं जिसका असर अमेरिकियों के रोजगार पर पड़ेगा। भारत और इटली जैसे देशों का इतिहास रहा है कि वे अवैध और गैरकानूनी कीमतों पर अमेरिका में अपने स्टील उत्पादों को खपाते हैं।’
डेमोक्रेटिक क्रिस वैन होलेन और टेमी डकवर्थ के नेतृत्व में ट्रंप को यह पत्र लिखकर सभी सांसदों ने कहा कि वे इस परियोजना में पूर्णतया सिर्फ अमेरिका में उत्पादित स्टील का ही उपयोग करें। क्योंकि यदि ट्रंप ऐसा नहीं करते हैं तो यह ‘अमेरिका फर्स्ट’ के उनके वादे का उल्लंघन होगा। पत्र में लिखा गया है कि - ‘अमेरिकी उत्पादों को खरीदने की वकालत करने वालों के बतौर हम शुरूआत में काफी उत्साहित हुए थे, लेकिन जब हमें पता चला कि आपके प्रशासन ने अमेरिकी उत्पादों को खरीदो की नीति से इस परियोजना को छूट दे दी है, तो हमें बेहद निराशा हुई।’
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इन नौ डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप को भेजे अपने संयुक्त पत्र में कहा कि - ‘आपका ज्ञापन मुख्यतया नई और विस्तारित पाइपलाइन परियोजनाओं का बचाव करता है। इस कारण यह जानकर हम काफी भ्रमित और निराश हैं कि कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन परियोजना में इस्तेमाल होने वाला पूरा स्टील अमेरिका का नहीं होगा।’ इस पत्र की एक प्रति मीडिया को भी जारी की गई है। पत्र में कहा गया है कि - ‘हम इस बात से भी चिंतित हैं कि कनाडा की इस कंपनी को भारत और इटली जैसे देशों से स्टील मंगवाने की अनुमति देकर आप एक ऐसी प्रथा को जन्म दे रहे हैं जिसका असर अमेरिकियों के रोजगार पर पड़ेगा। भारत और इटली जैसे देशों का इतिहास रहा है कि वे अवैध और गैरकानूनी कीमतों पर अमेरिका में अपने स्टील उत्पादों को खपाते हैं।’
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डेमोक्रेटिक क्रिस वैन होलेन और टेमी डकवर्थ के नेतृत्व में ट्रंप को यह पत्र लिखकर सभी सांसदों ने कहा कि वे इस परियोजना में पूर्णतया सिर्फ अमेरिका में उत्पादित स्टील का ही उपयोग करें। क्योंकि यदि ट्रंप ऐसा नहीं करते हैं तो यह ‘अमेरिका फर्स्ट’ के उनके वादे का उल्लंघन होगा। पत्र में लिखा गया है कि - ‘अमेरिकी उत्पादों को खरीदने की वकालत करने वालों के बतौर हम शुरूआत में काफी उत्साहित हुए थे, लेकिन जब हमें पता चला कि आपके प्रशासन ने अमेरिकी उत्पादों को खरीदो की नीति से इस परियोजना को छूट दे दी है, तो हमें बेहद निराशा हुई।’
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यह है पूरा मामला-
donald trump
दरअसल, 24 जनवरी को ट्रंप ने एक ज्ञापन जारी करते हुए कहा गया था कि अमेरिकी सीमा के भीतर सभी नई पाइपलाइनों के निर्माण, मरम्मत व प्रबंधन में हरसंभव स्तर तक अमेरिकी उत्पादों का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि ट्रंप की इस नई नीति से कीस्टोन पाइपलाइन परियोजना को छूट दी गई थी। यह छूट भारत और इटली में निर्मित लोहे के इस्तेमाल को लेकर दी गई। इन सांसदों का कहना है कि इस परियोजना में ट्रंप की नीति का पालन नहीं हुआ है।