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5 बड़े बैंकों पर 36,000 करोड़ रुपए का जुर्माना, आखिर क्यों?
Updated Wed, 20 May 2015 09:39 PM IST
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अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि विश्व के पांच बड़े बैंकों पर कुल 5.7 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। ये पांच बैंक है-जेपी मॉर्गन, सिटी ग्रुप, बार्कलेज, आरबीएस और यूबीएस एजी। इन बैंकों पर विदेशी विनिमय या ब्याज दरों में धांधली करने का आरोप है।
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जेपी मॉर्गन, सिटी ग्रुप, बार्कलेज और आरबीएस ने अमरीकी कानूनों के उल्लंघन की बात मानी है, जबकि यूबीएस एजी ने ब्याज दरों में गड़बड़ी के आरोपों को स्वीकार किया है।
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बार्कलेज पर सबसे अधिक जुर्माना
सबसे अधिक 2.4 अरब डॉलर का जुर्माना बार्कलेज बैंक पर लगाया गया है क्योंकि उसने ब्रिटेन, अमरीका और स्विटज़रलैंड के नियामकों की जांच में सहयोग नहीं किया था।
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यूएस एटॉर्नी जनरल लोरेट्टा लिंच का कहना है कि वर्ष 2007 से पांच वर्ष तक मुद्रा कारोबारियों ने विनिमय दरों में गड़बड़ी के लिए 'लगभग हर दिन' एक निजी इलेक्ट्रॉनिक चैट रूम का इस्तेमाल किया।
उनका कहना है, ''इन बैंकों की हरकत से दुनियाभर में ना जाने कितने उपभोक्ताओं, निवेशकों और संस्थाओं को नुकसान हुआ।'' नियामकों का कहना है कि वर्ष 2008 से वर्ष 2012 के बीच कई कारोबारियों ने एक गुट बना लिया था और उन्होंने अपने फ़ायदे के लिए कीमतें तय कीं। ये कारोबारी कीमतें तय करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते थे।