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चीन के नए तटरक्षक कानून को लेकर अमेरिका चिंतित, कहा- समुद्री विवाद और बढ़ेगा

Sun, 21 Feb 2021 01:32 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 21 Feb 2021 01:32 AM IST
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america worried about new coast guard law of china
यूएस और चीन का झंडा - फोटो : पीटीआई

अमेरिका में जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद भी चीन से रिश्ते सामान्य नहीं हो रहे हैं। हाल ही में बाइडन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बातचीत में दक्षिण सागर, हांगकांग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के विवादित मुद्दे उठाए हैं। अब अमेरिका ने चीन द्वारा हाल में बनाए तटरक्षक कानून पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे इलाके में क्षेत्रीय और समुद्री विवाद और बढ़ेगा।

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बता दें कि चीन ने पिछले महीने कानून पारित किया था जिसके तहत पहली बार तटरक्षक विदेशी पोतों पर गोलाबारी कर सकते हैं। इसे लेकर अमेरिका ने कहा है कि यह कानून न सिर्फ क्षेत्रीय विवाद बढ़ाएगा बल्कि चीन इसका इस्तेमाल अपने अवैध दावे के लिए भी कर सकता है।
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, अमेरिका निश्चित रूप से फिलीपींस, वियतनाम, इंडोनेशिया, जापान व अन्य देशों के साथ है जिन्होंने चीन में लागू तटरक्षक कानून पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दक्षिण सागर और पूर्वी सागर में चीन सीमा विवाद में उलझा हुआ है।
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प्राइस ने कहा, हम विशेष तौर पर कानून की भाषा को लेकर चिंतित है जिसमें दक्षिण व पूर्वी चीन सागर में चल रहे क्षेत्रीय समुद्री विवाद में चीनी दावे को लागू करने के लिए संभावित बल के इस्तेमाल की बात की गई है। इसमें चीनी तटरक्षा के सशस्त्र बल शामिल हैं।

ताइवान के हवाई रक्षा क्षेत्र में चीन ने उड़ाए 8 जेट विमान
एक अमेरिकी प्रशिक्षित रक्षा मंत्री को ताइवान के रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद, आठ चीनी लड़ाकू जेट विमानों ने अपने पश्चिमी रक्षा क्षेत्र के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में उड़ान भरी।

ताइवानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चार चीनी जे-16, चार जेएच-7 और एक इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान ने दक्षिण चीन सागर के ऊपरी हिस्से में ताइवान नियंत्रित प्रतास द्वीप के पास उड़ान भरी।

मंत्रालय ने कहा, इसे देखते हुए हमने रेडियो चेतावनियां जारी कीं और गतिविधि पर निगरानी के लिए एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम तैनात किया। चीन की इस हरकत से क्षेत्र में तनाव है, क्योंकि चीन पहले ही ताइवान के अपना क्षेत्र मानता है।

फ्रांस ने द. चीन सागर में भेजा युद्धपोत
दक्षिण चीन सागर में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए, फ्रांस ने विवादित जल में दो समुद्री यात्रा योजना बनाई हैं। साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक फ्रांसीसी नौसेना ने कहा है कि उसने तीन माह के मिशन पर प्रशांत यात्रा के लिए पोर्ट टॉलन युद्धपोत को रवाना किया है। ये जहाज दो बार दक्षिण चीन सागर को पार करेंगे और मई में जापान-अमेरिका के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास में भाग लेंगे। पिछले सप्ताह फ्रांस ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के कहने पर दक्षिण चीन सागर में चीनी प्रभाव कम करने के मकसद से पनडुब्बी भी तैनात की है।


जापानी क्षेत्र में चीनी जहाज के प्रवेश पर आपत्ति
जापान ने पूर्वी चीन सागर में विवादित सेनकाकू द्वीप के पास जापानी जल सीमा में दो चीनी जहाजों की घुसपैठ के बाद चीन को विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय के महानिदेशक ताहिरो फुनाकोशी ने अपनी आपत्ति से चीनी दूतावास को अवगत करा दिया है। बता दें कि इस साल चीनी जहाजों ने जापानी समुद्री सीमा का आठ बार उल्लंघन किया है। इसे लेकर दोनों देशों में तनाव बना हुआ है।

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