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US: अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गर्भपात की गोली मिफेप्रिस्टोन से हटाया प्रतिबंध

Sat, 22 Apr 2023 09:21 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 22 Apr 2023 09:21 AM IST
सार

मिफेप्रिस्टोन से जुड़ी कानूनी लड़ाई उस समय शुरू हुई जब टेक्सास में एक संघीय न्यायाधीश ने इस दवा पर देशव्यापी बैन लगाने का आदेश दिया। कहा गया था कि दवा का इस्तेमाल जन्म लेने से पहले ही बच्चे की हत्या करने के लिए किया जा रहा है। 

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America’s Supreme Court Upholds Access To Abortion Pill
अमेरिकी गर्भपात कानून - फोटो : Agency

विस्तार

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली गर्भपात की गोली मिफेप्रिस्टोन पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है। बता दें, पहले इस गोली पर निचली अदालतों ने रोक लगा दी थी।

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निचली अदालत ने लगाई थी रोक

मिफेप्रिस्टोन से जुड़ी कानूनी लड़ाई उस समय शुरू हुई जब टेक्सास में एक संघीय न्यायाधीश ने इस दवा पर देशव्यापी बैन लगाने का आदेश दिया। कहा गया था कि दवा का इस्तेमाल जन्म लेने से पहले ही बच्चे की हत्या करने के लिए किया जा रहा है। 

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एफडीए से मिल चुकी है मंजूरी

मिफेप्रिस्टोन का इस्तेमाल आमतौर पर गर्भपात के लिए किया जाता है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने मिफेप्रिस्टोन के गोलियों का सेवन करने को लेकर मान्यता दे रखी है। अमेरिका के टेक्सास और वाशिंगटन में फेडरल जजों ने 7 मार्च 2023 को मिफेप्रिस्टोन दवा को बैन करने का फैसला सुनाया था। राष्ट्रपति जो बाइडेन के न्याय विभाग ने एक आपातकालीन अपील दायर की थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट से निचली अदालत के इस फैसले को रोकने के लिए कहा गया था।

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बाइडेन प्रशासन ने दी थी याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली गर्भपात की गोली मिफेप्रिस्टोन को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की मंजूरी दी। न्याय विभाग और मिफेप्रिस्टोन निर्माता डैंको लेबोरेटरीज की अपील पर अदालत में सुनवाई लंबित होने तक सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फैसलों को प्रभावी ढंग से रोक दिया है। बाइडेन ने कहा कि निचली अदालत के फैसलों ने एफडीए के चिकित्सा निर्णय को कमजोर कर दिया है और महिलाओं के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ होता है कि मिफेप्रिस्टोन दवा सुरक्षित है। 

50 लाख से अधिक ने किया उपयोग 

इस दवा को अमेरिका में साल 2000 में अनुमति मिली थी। अभी तक 50 लाख से अधिक लोगों ने इसका उपयोग किया है। अमेरिका में आधे से अधिक गर्भपात के मामलों में मिफेप्रिस्टोन का उपयोग किया जाता है।

आगे की लड़ाई के लिए तैयार

अदालत के कार्रवाई करने से पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने कहा था कि पीठ की ओर से जो भी कार्रवाई होगी, प्रशासन उसके लिए तैयार है। अगर जरूरत पड़ी तो हम एक लंबी कानूनी लड़ाई के लिए भी तैयार हैं। यह हमारी प्रतिबद्धता है और देश भर की लाखों महिलाओं से हमारा वादा है।


 

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