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US: पेरिस जलवायु समझौते से बाहर हुआ अमेरिका, शपथ के कुछ देर बाद ही ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किये हस्ताक्षर
Tue, 21 Jan 2025 06:05 AM IST
शिव शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: शिव शुक्ला
Updated Tue, 21 Jan 2025 06:05 AM IST
सार
ट्रंप के इस फैसले से दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक जलवायु परिवर्तन थामने के वैश्विक प्रयास से एक दशक में दूसरी बार बाहर हो गया है। इस फैसले से अमेरिका ईरान, लीबिया और यमन के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया है जो 2015 के इस समझौते से बाहर है।
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : एक्स@realDonaldTrump
विस्तार
डोनाल्ड ट्रंप के शपथ लेने के तत्काल बाद व्हाइट हाउस ने अमेरिका के पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने की घोषणा कर दी। व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा, राष्ट्रपति ट्रंप एक बार फिर अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से बाहर करने जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद ही कैपिटल वन एरिना में कार्यकारी आदेशों के अपने पहले सेट पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान पेरिस जलवायु संधि से हटने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि मैं अनुचित एकतरफा पेरिस जलवायु समझौते से तुरंत हट रहा हूं। चीन द्वारा प्रदूषण फैलाए जाने के दौरान अमेरिका अपने उद्योगों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
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ट्रंप के इस फैसले से दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक जलवायु परिवर्तन थामने के वैश्विक प्रयास से एक दशक में दूसरी बार बाहर हो जाएगा। इस फैसले से अमेरिका ईरान, लीबिया और यमन के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया है जो 2015 के इस समझौते से बाहर है। दुनिया के सभी देशों ने मिलकर ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री से नीचे बनाए रखने के उद्देश्य से इस समझौते को अंजाम दिया था।
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ट्रंप हमेशा से जलवायु परिवर्तन को खारिज करते रहे हैं और इसे फर्जी सिद्धांत बताते हैं। अमेरिकी तेल और गैस खनन को अधिकतम सीमा तक ले जाना उनके एजेंडे में शामिल है। पद संभालने के बाद अपने शुरुआती भाषण में उन्होंने कहा, ड्रिल बेबी ड्रिल। मैं देश में ऊर्जा आपातस्थिति लागू करने जा रहा हूं। इससे ऊर्जा की कीमतें नीचे लाने में मदद मिलेगी। वैसे यूक्रेन-रूस संघर्ष के बाद से अमेरिका पहले ही दुनिया का शीर्ष तेल-गैस उत्पादक बन चुका है। टेक्सास, मेक्सिको और अन्य जगहों पर तेल-गैस का उत्खनन तेजी से किया जा रहा है।
वहीं, व्हाइट हाउस की घोषणा के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि वह आश्वस्त हैं कि अमेरिकी शहर, राज्य और कारोबार, कार्बन उत्सर्जन घटाने, लचीले आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने कहा, जलवायु के मुद्दे अमेरिका नेतृत्वकारी की भूमिका में बना रहे, यह बेहद महत्वूपर्ण है।