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अमेरिका: नागरिकों को बाहर निकालने के लिए सौंपी गई थी तालिबान को सूची, अफगानियों के लिए खतरा बढ़ा
Fri, 27 Aug 2021 03:09 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाल, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाल, वाशिंगटन
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 27 Aug 2021 03:09 PM IST
सार
अमेरिका ने तालिबान को एक सूची सौंपी थी, इसमें कुछ लोगों के नाम थे। इस सूची का विरोध शुरू हो गया। कई रक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस सूची से उन अफगानियों के लिए खतरा बढ़ गया है, जिन्होंने अमेरिकी सैनिकों की मदद की थी।
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काबुल एयरपोर्ट पर हालात
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
काबुल से अपने लोगों को बाहर निकालने के लिए कई देशों की कोशिशें जारी हैं। इस बीच खबर आ रही है कि अमेरिका ने तालिबान को एक सूची सौंपी थी। इसमें अमेरिकी नागरिकों, ग्रीन कार्ड धारकों व अफगान सहयोगियों के नाम थे। इन लोगों को एयरपोर्ट के बाहरी हिस्से में सुरक्षित पहुंचाने के लिए कहा गया था।
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यह सूची सामने आने के बाद अमेरिका में ही इसका विरोध शुरू हो गया है। कई अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोगों को बाहर निकालने के लिए कई लोगों की जान को जोखिम में डाल दिया गया है। इससे जान का खतरा और बढ़ गया है।
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कई सांसदों व अधिकारियों का कहना है कि इस सूची ने उन लोगों के लिए खतरा पैदा कर दिया है, जिन्होंने अमेरिकी सैनिकों की मदद की थी। कई लोगों ने इसे मौत की सूची करार दिया है। गुरुवार को काबुल में हुए बम धमाकों के बाद भी हुई प्रेसवार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ऐसी सूची की जानकारी से इंकार किया। हालांकि, वह इस बात से इंकार नहीं कर पाए कि पहले ऐसे कुछ नाम अमेरिका ने तालिबान को सौंपे थे।
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एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि तालिबान के साथ यह तय हुआ था कि अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में रुके रहने तक एयरपोर्ट की सुरक्षा संभालेगी। एयरपोर्ट के बाहर तालिबान का नियंत्रण था। इसलिए, अपने लोगों के नाम देना जरूरी था।
हालांकि, इस कदम पर विपक्ष हमलावर हो गया है और तालिबान के साथ अपने लोगों की जानकारी साझा करने को देशद्रोह करार दिया गया है।