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अमेरिका की पेशकश: 'भारत-पाकिस्तान मतभेद सुलझाना चाहें तो मदद को तैयार, हम वाकयुद्ध नहीं चाहते'

Tue, 20 Dec 2022 11:18 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 20 Dec 2022 11:18 AM IST
सार

नेड प्राइस ने कहा कि भारत के साथ हमारी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है। पाकिस्तान के साथ हमारी गहरी साझेदारी के बारे में भी उन्होंने बात की है। सोमवार को दैनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेड प्राइस ने कहा कि दोनों देशों के साथ हमारी भागीदारी है। 

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America in favor of constructive dialogue between India and Pakistan
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिका के एंटनी ब्लिंकन और पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो। - फोटो : Social Media

विस्तार

अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच रचनात्मक बातचीत की पैरवी की है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा दोनों देशों की बातचीत से उनके लोगों की भलाई होगी। हमारे रिश्ते दोनों में से किसी के भी साथ शून्य नहीं हैं, बल्कि भागीदारी के हैं। हम दोनों देशों के बीच वाकयुद्ध नहीं चाहते हैं। 

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नेड प्राइस ने कहा कि भारत के साथ हमारी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है। पाकिस्तान के साथ हमारी गहरी साझेदारी के बारे में भी उन्होंने बात की है। सोमवार को दैनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेड प्राइस ने कहा कि दोनों देशों के साथ हमारी भागीदारी है। हम भारत और पाकिस्तान के बीच रचनात्मक बातचीत चाहते हैं। हमें लगता है कि इसमें पाकिस्तानी और भारतीय लोगों की भलाई है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों में से प्रत्येक अमेरिका के लिए अपरिहार्य है। हम मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं। 
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बता दें, पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के समर्थन व प्रायोजन के खिलाफ भारत ने उसके बातचीत लंबे समय से बंद कर रखी है। 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद उसे साफ कह दिया गया है कि जब तक वह आतंकवाद खत्म नहीं करता, उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी। इतना ही नहीं पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय रिश्ते भी टूटे हुए हैं। 
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अमेरिका मतभेद सुलझाने में मदद को तैयार
नेड प्राइस ने कहा कि निश्चित रूप से दोनों देशों के बीच मतभेद हैं और उन्हें दूर करने की जरूरत है। अमेरिका इन्हें सुलझाने में मदद को तैयार है। एक अन्य सवाल के जवाब में प्राइस ने कहा कि दुनिया भर के देशों ने पीएम नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दी गई सलाह कि 'यह युद्ध का युग नहीं है', का स्वागत किया था।


अमेरिकी प्रवक्ता ने कहा कि यह बात G-20 सम्मेलन में भी सराही गई थी। अमेरिका निश्चित रूप से इसका स्वागत करता है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत का रूस के साथ ऐसा रिश्ता है, जैसा कि अमेरिका के साथ रूस का नहीं है। आगामी G-20 सम्मेलन के संदर्भ में भारत के साथ अमेरिका निकट संपर्क में रहेगा और यह सहयोग बढ़ाने का अवसर होगा। 

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