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अमेरिका ने चीनी अधिकारियों पर लगाए वीजा प्रतिबंध, हांगकांग में स्वायत्तता खत्म करने का आरोप

Sat, 27 Jun 2020 09:15 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 27 Jun 2020 09:15 AM IST
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America imposes visa ban on CCP Chinese officials, accused of ending autonomy in Hong Kong
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो - फोटो : ANI

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाया है। माना जा रहा है कि वाशिंगटन के इस कदम से दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव और बढ़ सकता है। 

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विदेश मंत्रालय ने अधिकारियों पर हांगकांग में नागरिकों के स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह बीजिंग पर हांगकांग में लगाए गए नए प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए बनाए जा रहे दबाव की दिशा में एक कदम है। 
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों पर अमेरिका की यात्रा करने पर रोक लगा दी है। इन अधिकारियों पर हांगकांग की स्वायत्तता का उल्लंघन करने का आरोप है। पोम्पियो ने कहा कि इस फैसले का प्रभाव उनके परिवार पर भी पडे़गा। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों का नाम नहीं बताया। 
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यह भी पढ़ें: नागरिकों के दमन को लेकर चीन पर लग रहे गंभीर आरोप, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने जताई चिंता

वहीं, अमेरिका के इस कदम को लेकर कहा जा रहा है कि इसका चीन पर खास प्रभाव नहीं पड़ने वाला। दरअसल, कोरोना वायरस की वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा हुआ है और अमेरिका ने चीन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए पहले से ही कड़े नियम बनाए हुए हैं। ऐसे में चीनी अधिकारियों का अमेरिका की यात्रा करने की संभावना बेहद कम है। 

दूसरी तरफ, नाम न छापने की शर्त पर विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह अमेरिका द्वारा चीन को दंड देने के रूप में उठाए जाने वाले प्रयासों के रूप में पहला कदम है। उन्होंने बताया कि वाशिंगटन ने बीजिंग द्वारा हांगकांग की स्वायत्तता में दखल देने के लिए उसे दंडित करने की योजना बनाई है।  


इससे पहले, अमेरिका ने चीन की तानाशाही पर रोक लगाने के लिए अपनी सेना को यूरोप से हटाना शुरू कर दिया है। दरअसल, मौजूदा समय में चीन अपने पड़ोसी देशों पर लगातार दबाव बना रहा है। 

एक तरफ भारत के पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चीन ने अपनी सेना तैनात कर दी है, तो वहीं दूसरी ओर उसने दक्षिण चीन सागर में अपनी आक्रामक रणनीति को और भी बढ़ा दिया है। ऐसे में चीन की इस हरकत को अमेरिका ने बड़ा खतरा बताया है। अमेरिका ने यूरोप में मौजूद अपनी सेना को हटाकर एशिया में तैनात करना शुरू कर दिया है। 

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