महाभियोग : डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सुनवाई के गवाह बनेंगे चार कानूनी विद्वान
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अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के डेमोक्रेट नेताओं ने इस सप्ताह ट्रंप पर महाभियोग की सार्वजनिक सुनवाई के लिए चार कानूनी विद्वानों के नाम दिए हैं जो राष्ट्रपति के विरुद्ध गवाही देंगे। यानी न्यायिक समिति में चार कानूनी विद्वानों के साथ राष्ट्रपति को पद से हटाने के संवैधानिक आधार पर चर्चा होगी। ट्रंप पर महाभियोग के औपचारिक आरोपों की घोषणा में ये चारों स्कॉलर प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
समिति द्वारा घोषित सुनवाई के गवाह हार्वर्ड लॉ स्कूल के नोआ फेल्डमैन, स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल के पामेला कार्लन, उत्तरी कैरोलिना स्कूल ऑफ लॉ के माइकल जेरहार्ट और जॉर्ज यूनिवर्सिटी लॉ स्कूल के जोनाथन टर्ली हैं। महाभियोग के लिए सदन की खुफिया समिति की रिपोर्ट भी इस सप्ताह न्यायिक समिति के समक्ष पेश होनी है। ऐसे में अगले चौबीस घंटे बेहद अहम रहेंगे।
डेमोक्रेटिक बहुमत वाले पैनल को इसके अनुमोदन पर अपने पक्ष में मतदान की उम्मीद है। ट्रंप समर्थक एक रिपब्लिकन प्रतिनिधि जिम जॉर्डन ने कहा कि उन्होंने खुफिया समिति की रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को पढ़ा था लेकिन बुधवार दोपहर (भारतीय समयानुसार) तक इस पर चर्चा नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे देखते हुए हाउस रिपब्लिकन ने एक खंडन रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप का अब तक अपराध स्थापित नहीं किया है।
रोमांचक होगा आगामी चुनाव अभियान
हाल ही में आई एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में ट्रंप पर चल रहे महाभियोग को लेकर अमेरिकी नागरिक बंटे हुए नजर आए। कई लोग डेमोक्रेटों की इस कार्रवाई को गलत भी ठहरा रहे हैं। इसलिए महाभियोग पर जो भी फैसला आए लेकिन अमेरिकियों के बीच मत विभाजन के चलते आगामी दिनों में देश का चुनाव प्रचार अभियान बेहद रोमांचक और गरम रहने की संभावना है।
नाटो सम्मेलन के लिए ब्रिटेन पहुंचे ट्रंप
बुधवार को महाभियोग पर सुनवाई से अलग रहने की घोषणा के बाद राष्ट्रपति ट्रंप नाटो के शिखर सम्मेलन के लिए ब्रिटेन पहुंच गए हैं। वह ब्रिटेन में होने वाले अहम आम चुनाव से महज 10 दिन पहले लंदन पहुंचे हैं। ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘जब से मैंने कार्यभार संभाला है तब से योगदान देने वाले नाटो सहयोगियों की संख्या बढ़ी है और योगदान भी बढ़ा है।’