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हिंद-प्रशांत क्षेत्र : चीन व उत्तर कोरिया की चुनौतियों का अमेरिका-जापान मिलकर करेंगे सामना

Wed, 06 Oct 2021 01:19 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, टोक्यो
एजेंसी, टोक्यो Published by: Kuldeep Singh Updated Wed, 06 Oct 2021 01:19 AM IST
सार

जापान के नए पीएम फुमिओ किशिदा ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से फोन पर बातचीत की। दोनों देशों के बीच स्वतंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन तथा उत्तर कोरिया की ओर से बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग करने पर सहमति बनी।
 

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America and Japan will face the challenges of China and North Korea together in the Indo-Pacific region
जापान के नए पीएम फुमिओ किशिदा - फोटो : Twitter@ Fumio Kishida

विस्तार

जापान के नए पीएम फुमिओ किशिदा ने पद संभालने के बाद पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से फोन पर बातचीत की। दोनों नेता खुले व स्वतंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग पर सहमत हुए। दोनों नेताओं ने कहा कि वे जापान और अमेरिका के बीच गठबंधन को मजबूत करेंगे और चीन तथा उत्तर कोरिया की ओर से बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग करेंगे।

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खुले और स्वतंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग पर भी जताई सहमति
किशिदा को संसद द्वारा चुना गया था और उन्होंने सोमवार को शपथ ली थी। उन्होंने कहा कि बाइडन ने उन्हें पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले द्वीप सेनकाकू की रक्षा के प्रति आश्वस्त किया है। इस द्वीप पर चीन भी अपना दावा करता है और उसने क्षेत्र में तटरक्षक बल की गतिविधि बढ़ा दी है। किशिदा ने कहा कि बाइडन ने सेनकाकू समेत जापान की सुरक्षा करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता को दोहराया है।
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उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने चीन और उत्तर कोरिया की चुनौतियों का मिलकर सामना करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। किशिदा मजबूत जापान-अमेरिका सुरक्षा संबंधों के समर्थक हैं और समान विचारधारा वाले एशियाई और यूरोपीय देशों तथा ब्रिटेन के साथ साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के पक्षधर हैं।
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दक्षिण-पूर्वी सागर में यथास्थिति बदलने का विरोध
किशिदा ने जापान की मिसाइल और नौसनिक क्षमता में वृद्धि करने का भी संकल्प लिया है। किशिदा ने कहा कि चीन के साथ संवाद जारी रहेगा जो कि एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और व्यापारिक साझेदार है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में यथास्थिति बदलने के चीन के प्रयासों का विरोध किया जाना चाहिए। किशिदा ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन से भी बातचीत की।

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