{"_id":"5e973e578ebc3e76a421064d","slug":"almost-all-terrorists-in-afghanistan-have-been-wiped-out-says-mike-pompeo","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफगानिस्तान में लगभग सभी आतंकवादियों का सफाया हो चुका है- माइक पोम्पिओ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अफगानिस्तान में लगभग सभी आतंकवादियों का सफाया हो चुका है- माइक पोम्पिओ
Wed, 15 Apr 2020 10:33 PM IST
श्रीधर मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Wed, 15 Apr 2020 10:33 PM IST
विज्ञापन
Mike Pompeo- फाइल
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ का दावा है कि अब अफगानिस्तान में अल कायदा के कुछ ही आतंकवादी बचे हैं। पोम्पिओ ने कहा कि अफगानिस्तान में ज्यादातर आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया है। इस दौरान उनका कहना है कि अफगानिस्तान में अमेरिका के जाने का पहला मकसद अल कायदा को खत्म करना था। ऐसे में यह मकसद अब लगभग पूरा हो चुका है।
विज्ञापन
माइक पोम्पिओ ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा करना जानता है। ऐसे में वो अफगानिस्तान, इराक और सीरिया में बगैर हजारों अमेरिकी सैनिकों के भी अपनी सुरक्षा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने तालिबान को अल कायदा से रिश्ते तोड़ने को कहा है, जो फरवरी में हुए शांति समझौते का एक अहम हिस्सा है। पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका इसके लिए तैयार है और जानता है कि अभी भी उसके बहुत सारे दुश्मन हैं।
विज्ञापन
पॉम्पियो ने इंटरव्यू में कहा कि तालिबान के साथ हुए लिखित समझौते या किसी और समझौते की ही बात नहीं है। इसे सिर्फ बयान के तौर पर भी नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि हमें इसकी जमीनी हकीकत को देखना ज्यादा जरूरी है कि अमेरिका पर किसी तरह की आंच न आए और यह सुरक्षित रहे।
विज्ञापन
हालांकि, इस दौरान पोम्पिओ ने यह साफ नहीं किया कि अल कायदा के कितने लड़ाकू आतंकी अभी बचे हैं। इसके अलावा क्या इन आतंकियों में से अब भी कोई तालिबान के साथ मिलकर काम तो नहीं कर रहा?
दरअसल पिछले कई सालों से तालिबान और अल कायदा के रिश्तों के बारे में तमाम तथ्य सामने आ चुके हैं। इसके अलावा यह भी साफ हो चुका है कि अल कायदा के तमाम कमांडर तालिबान के बैनर पर काम करते रहे हैं। ऐसे में अमेरिका का बार बार अपने को सुरक्षित बताना भी इस बात का संकेत है कि अब भी उसके भीतर अल कायदा को लेकर तमाम आशंकाएं हैं। इसी का नजीता है कि तालिबान के साथ समझौता होने के बावजूद भी अमेरिका को यह पूरी तरह ये भरोसा नहीं है कि खतरा टल गया है।