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रूस के विपक्षी नेता नवालिनी को जहर मामले में रूस पर लगा सकते हैं प्रतिबंध: जर्मनी
Mon, 07 Sep 2020 02:58 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 07 Sep 2020 02:58 AM IST
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एलेक्सी नवाल्नी
- फोटो : ट्विटर
रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवाल्नी को जहर दिए जाने के मामले में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन घिरते नजर आ रहे हैं। जर्मनी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की जांच में रूस ने सहयोग नहीं किया तो जर्मन-रूस गैस पाइपलाइन परियोजना पर पुनर्विचार के लिए दुर्भाग्यवश मजबूर होना पड़ सकता है और मॉस्को को प्रतिबंध झेलने को भी तैयार रहना होगा।
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जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास ने कहा, मुझे उम्मीद है कि बाल्टिक सागर से होकर बनाई जा रही नॉर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन को लेकर हमें अपनी स्थिति बदलने के लिए रूसी अधिकारी मजबूर नहीं करेंगे। लेकिन आने वाले दिनों में यदि जांच के संबंध में रूस से सहयोग नहीं मिला तो हमें अपने सहयोगियों से पाइपलाइन को लेकर परामर्श करना होगा।
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इस बीच उन्होंने इशारा किया की रूस पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हालांकि, मास ने यह भी स्वीकार किया कि लगभग पूरी हो चुकी गैस पाइपलाइन के निर्माण को रोकने से जर्मन और यूरोपीय कंपनियों को नुकसान होगा। इस परियोजना को पूरा करने में 12 यूरोपीय देशों की 100 से ज्यादा कंपनियां जुटी हुई हैं, जिनमें से करीब 50 कंपनियां जर्मनी की हैं।
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अभी भी कोमा में
हीको मास ने कहा, 22 अगस्त को इलाज के लिए यहां लाए जाने के बाद से नवाल्नी बर्लिन के अस्पताल में अभी भी कोमा में हैं। जर्मनी के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें तंत्रिका तंत्र पर हमला करने वाले नोविचोक समूह का जहर दिया गया था।
55 अरब घनमीटर गैस की होगी सप्लाई
रूस के वायबॉर्ग से जर्मनी के ग्राइफ्सवाल्ड को जोड़ने वाली पाइपलाइन की मदद से रूस पश्चिम यूरोप को सालाना 55 अरब घनमीटर साइबेरियाई गैस की सप्लाई करेगा। इस वैकल्पिक पाइपलाइन की योजना तब बनी थी जब यूक्रेन ने गैस कीमतों पर हुए विवाद के बाद रूस से होने वाली ट्रांजिट सप्लाई को रोक दिया था। 1224 किमी लंबी यह पाइपलाइन बाल्टिक सागर के भीतर से होकर निकलेगी।