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चीन: अल्बर्ट आइंस्टीन से जुड़ी पांडुलिपि की नीलामी, 10.7 करोड़ रुपये में तय हुआ सौदा
Wed, 27 Sep 2023 06:42 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 27 Sep 2023 06:42 PM IST
सार
भौतिक वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा हस्ताक्षरित एक पांडुलिपि की नीलामी हुई है। इसकी नीलामी 10.7 करोड़ रुपये में हुई। नीलामी कार्यक्रम 23 सितंबर को वाल्डोर्फ एस्टोरिया शंघाई में आयोजित किया गया था।
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अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा साइन पेपर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विश्व विख्यात भौतिक वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा हस्ताक्षरित एक पांडुलिपि की शंघाई में नीलामी हुई। जिसकी बोली 10.7 करोड़ रुपये लगाई गई थी। यह दुर्लभ हस्ताक्षरित पांडुलिपि विज्ञान में उनके प्रसिद्ध योगदान विशेष सापेक्षता के सिद्धांत (1905) और सामान्य सापेक्षता (1915) के विकास की व्याख्या से जुड़ी है। नीलामी कार्यक्रम 23 सितंबर को वाल्डोर्फ एस्टोरिया शंघाई में आयोजित किया गया था।
पहली बार 3 फरवरी 1929 को जर्मन में लिखी गई यह पांडुलिपि न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हुई थी। आइंस्टीन को विज्ञान में उनके दो सबसे प्रसिद्ध योगदानों के विकास की व्याख्या करने के लिए नियुक्त किया गया था, जिसमें विशेष सापेक्षता के सिद्धांत (1905) और सामान्य सापेक्षता (1915) प्रमुख थे।
क्रिस्टीज चाइना के अध्यक्ष रेबेका यांग ने कहा, 14 पेज की पांडुलिपि अत्यधिक महत्व रखती है क्योंकि यह सापेक्षता की खोज के इतिहास की याद दिलाती है। साथ ही इसके कामकाज की व्याख्या करती है। इसमें दो समीकरण और अंतरिक्ष-समय सातत्य की संरचना को दर्शाने वाला एक आरेख, साथ ही वैज्ञानिक सूत्रों के दो पृष्ठ शामिल हैं।
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पहली बार 3 फरवरी 1929 को जर्मन में लिखी गई यह पांडुलिपि न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हुई थी। आइंस्टीन को विज्ञान में उनके दो सबसे प्रसिद्ध योगदानों के विकास की व्याख्या करने के लिए नियुक्त किया गया था, जिसमें विशेष सापेक्षता के सिद्धांत (1905) और सामान्य सापेक्षता (1915) प्रमुख थे।
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क्रिस्टीज चाइना के अध्यक्ष रेबेका यांग ने कहा, 14 पेज की पांडुलिपि अत्यधिक महत्व रखती है क्योंकि यह सापेक्षता की खोज के इतिहास की याद दिलाती है। साथ ही इसके कामकाज की व्याख्या करती है। इसमें दो समीकरण और अंतरिक्ष-समय सातत्य की संरचना को दर्शाने वाला एक आरेख, साथ ही वैज्ञानिक सूत्रों के दो पृष्ठ शामिल हैं।
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