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बिलों पर समझौता: जो बाइडन की महत्वाकांक्षाओं के आड़े आ रहा है उनका मध्य मार्ग

Thu, 24 Jun 2021 03:16 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 24 Jun 2021 03:16 PM IST
सार

बाइडन ने अमेरिकन जॉब्स प्लान नाम से 2.3 ट्रिलियन का पैकेज घोषित किया था, जिसे बोलचाल में इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज कहा गया। ये रकम 1.9 ट्रिलियन डॉलर के कोरोना राहत पैकेज के अतिरिक्त खर्च होनी थी...

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After Voting Rights Bill, now Joe Biden may be forced to compromise on his infrastructure package as well
us senate - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

वोटिंग राइट्स बिल पर तगड़ा झटका लगने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को उनके इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज पर भी समझौता करने को मजबूर होना पड़ सकता है। ऐसी खबर है कि अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट के सदस्यों के एक समूह ने इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज का वो मसविदा तैयार कर लिया है, जिस पर दोनों पार्टियों में सहमति है। इस समूह में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन- दोनों पार्टियों के सदस्य शामिल हैं। सहमति बनाने के लिए हुई बातचीत में व्हाइट हाउस के अधिकारी भी शामिल हुए। इसलिए अब ज्यादा संभावना यही है कि राष्ट्रपति बाइडन भी इसे मंजूर कर लेंगे।

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दोनों पार्टियों में जो सहमति बनी है, उसके मुताबिक देश के भौतिक और मानवीय इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े सुधार की महत्वाकांक्षा को जो बाइडन को छोड़ना पड़ेगा। बाइडन ने अमेरिकन जॉब्स प्लान नाम से 2.3 ट्रिलियन का पैकेज घोषित किया था, जिसे बोलचाल में इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज कहा गया। ये रकम 1.9 ट्रिलियन डॉलर के कोरोना राहत पैकेज के अतिरिक्त खर्च होनी थी। धन जुटाने के लिए धनी लोगों और कॉरपोरेट घरानों पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव इस पैकेज में शामिल किया गया था।
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लेकिन जो सहमति दोनों पार्टियों के सीनेटरों के समूह में बनी है, वह सिर्फ 1.2 ट्रिलियन डॉलर का है। इसमें भी ज्यादातर उस रकम को भी शामिल किया है, जिसे कोरोना राहत पैकेज के तहत पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। दोनों पार्टियों में सिर्फ 559 अरब डॉलर के नए खर्च पर सहमति बनी है। 1.2 ट्रिलियन डॉलर के खर्च को भी तब मंजूरी मिलेगी, जब उसकी अवधि आठ साल रखी जाएगी। अगर पांच साल का ही प्लान होगा, तब ये रकम सिर्फ 974 अरब डॉलर रह जाएगी। सहमति यह बनी है कि जो भी खर्च होगा, वह सरकार अपने खजाने से करेगी। इसके लिए किसी पर कोई टैक्स नहीं बढ़ाया जाएगा।
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व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों पार्टियों के सीनेटरों के समूह से व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी की बातचीत हुई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने कहा- ‘सीनेटरों के समूह की चर्चा में संभावित समझौते की दिशा में प्रगति हुई है। राष्ट्रपति ने इस समूह को मुलाकात के लिए बुलाया है।’ न्यूज वेबसाइट एक्सियोस.कॉम के मुताबिक ये मुलाकात शुक्रवार (भारतीय समय के अनुसार) को होगी। रिपब्लिकन पार्टी की सीनेटर सुजेन कॉलिन्स ने इस वेबसाइट से कहा- ‘द्विपक्षीय इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज को लेकर सहमति का ढांचा तैयार हो गया है।’ उधर रिपब्लिकन सीनेटर मिट रोमनी ने टीवी चैनल सीएनएन से कहा कि रिपब्लिकन पार्टी, डेमोक्रेटिक पार्टी और व्हाइट हाउस के बीच एक सहमति बन गई है।


गौरतलब है कि इस हफ्ते सीनेट में वोटिंग राइट्स बिल पर चर्चा कराने के प्रस्ताव को रिपब्लिकन पार्टी ने रोक दिया था। उसने उस पर फिलिबस्टर नियम लागू कर दिया। इस नियम के तहत 100 सदस्यीय सदन में किसी प्रस्ताव के पारित होने के लिए 60 सदस्यों का समर्थन जरूरी हो जाता है। वोटिंग राइट्स बिल को कांग्रेस (संसद) का निचला सदना हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव पास कर चुका है। लेकिन सीनेट में ये आगे नहीं बढ़ सका। राष्ट्रपति बाइडन ने फिलिबस्टर नियम को खत्म करने की डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव धड़े की मांग पर चुप्पी साध रखी है। प्रोग्रेसिव खेमे का आरोप है कि बाइडन के इस मध्य मार्गी रुख के कारण मौजूदा प्रशासन के तहत अमेरिका में कोई बड़ी पहल संभव नहीं रह गई है। ऐसे में इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज पास कराने का एकमात्र रास्ता आम सहमति का ही बचा है।

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