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अफगानिस्तान ने कहा-भारत महत्वपूर्ण योगदान देने वालों में से एक, तालिबान के दावे में सच्चाई नहीं
Mon, 18 May 2020 03:18 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, काबुल
पीटीआई, काबुल
Published by: अनवर अंसारी
Updated Mon, 18 May 2020 03:18 PM IST
सार
- अफगानिस्तान ने भारत को बताया महत्वपूर्ण योगदान देने वाला देश
- तालिबान के नकारात्मक भूमिका निभाने वाले बयान को खारिज किया
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अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ग्रान हेवाद
- फोटो : Twitter
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विस्तार
अफगानिस्तान में भारत द्वारा किए जा रहे कार्यों को लेकर वहां की सरकार हमेशा ही नई दिल्ली की तारीफ करती रहती है। वहीं, एक बार फिर अफगानिस्तान सरकार ने तालिबान की भारत के खिलाफ बात को खारिज करते हुए नई दिल्ली को महत्वपूर्ण दोस्त बताया है।
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अफगानिस्तान सरकार ने कहा कि युद्ध से जर्जर देश के पुनर्निर्माण में और शांति प्रक्रिया में मदद करने में भारत महत्वपूर्ण योगदान देने वाले देशों में से एक है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ग्रान हेवाद ने कहा कि अफगानिस्तान का भारत के साथ संबंध अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और आपसी सम्मान पर आधारित है।
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उन्होंने यह बात तालिबान के इस आरोप पर कहा कि भारत लंबे समय से अफगानिस्तान में नकारात्मक भूमिका अदा कर रहा है। अफगानिस्तान में शांति और सुलह प्रक्रिया में भारत महत्वपूर्ण पक्षकारों में से एक रहा है। भारत ने अफगान नीत और अफगान नियंत्रित राष्ट्रीय शांति एवं सुलह-सफाई प्रक्रिया का समर्थन किया है।
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हेवाद ने ‘रेडियो आजादी’ से कहा कि भारत ने विकास और पुनर्निर्माण क्षेत्र में सहयोग किया है और उससे शांति प्रक्रिया में योगदान अपेक्षित है।
उन्होंने कहा कि भारत महत्वपूर्ण दानदाता देशों में से एक है और उसने अफगानिस्तान के विकास और पुनर्निर्माण क्षेत्रों में मदद की है। हम आशा करते हैं कि भारत और अन्य पड़ोसी देश अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कतर स्थित तालिबान कार्यालय के उप प्रमुख मुल्ला अब्बास स्तानकजई ने हाल में आरोप लगाया था कि पिछले दो दशक से भारत ने सिर्फ उन्हीं लोगों से संबंध रखे और उन्हीं का सहयोग किया जिन्हें विदेशियों ने सत्ता में बैठाया था और उसने उनसे रिश्ता नहीं रखा जिन्हें अफगानिस्तान के अवाम ने चुना था। उसने कहा था कि भारत को अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।
शांति एवं सुलह सफाई प्रक्रिया के अमेरिकी प्रतिनिधि जलमी खलीलजाद ने भारत की यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों के साथ अफगानिस्तान में शांति पर चर्चा की थी और इसमें सहयोग की मांग की थी। वह इस महीने की शुरुआत में भारत आए थे।
अफगानिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक खालिद सादात ने रेडियो आजादी से कहा कि अगर तालिबान इस तरह की टिप्पणियां करना जारी रखता है तो इससे भविष्य में अफगानिस्तान के राजनयिक संबंध प्रभावित होंगे।