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अफगानिस्तान: पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भागे, उनका भाई तालिबान में शामिल हो गया, उनके परिवार के बारे में जानिए
Sat, 21 Aug 2021 04:20 PM IST
प्रतिभा ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Sat, 21 Aug 2021 04:20 PM IST
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अशरफ गनी का परिवार
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
हशमत गनी अहमदजई ने तालिबान को समर्थन करने का एलान किया है। कुचिस की ग्रैंड काउंसिल के प्रमुख हशमत गनी अहमदजई ने तालिबान नेता खलील-उर-रहमान और धार्मिक विद्वान मुफ्ती महमूद जाकिर की उपस्थिति में तालिबान के लिए अपने समर्थन की घोषणा की। हशमत गनी का साथ मिलने से तालिबान की ताकत और बढ़ सकती है क्योंकि हशमत अफगानिस्तान के प्रभावशाली नेताओं में एक है।वे वज़ीर कबीले की देखरेख करते हैं, जो सबसे बड़ी पश्तून जनजातियों में से एक है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा वज़ीरिस्तान में डूरंड लाइन के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में है। कहा जाता है कि अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति रहते हुए अशरफ गनी ने अपने भाई और एक अमेरिकी ठेकेदार को एक आकर्षक खनिज प्रसंस्करण का परमिट दिलाने में मदद की थी। उनके पास अमेरिका, दुबई, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अरबों की जमीनें है। ऐसे में इस बात की दिलचस्पी जरूर जगती है कि आखिर कैसा है गनी का परिवार, उनके परिवार में कौन-कौन लोग हैं, उनकी शैक्षणिक और कारोबारी पृष्ठभूमि क्या है?
चलिए सिलसिलेवार आपको बताते हैं कि अशरफ गनी का परिवार कैसा है।
अशरफ गनी के पिता शाह पेशंद थे। मां कावकाबा लोदिन थीं। वे लोदी वंश से हैं। अहमदजई के दादा 20वीं शताब्दी की शुरूआत में राजा जहीर शाह के पिता, राजा मोहम्मद नादिर शाह को सत्ता में लेकर आए। उनके पिता शाह पेशंद राज जहीर शाह के शासन में मंत्री रहे। 1950 के दशक के अंत से लेकर 1973 में राजा के अपदस्थ होने तक वे परिवहन मंत्री बने रहे। राजा की सत्ता उखड़ जाने के बाद अहमदज़ई और उनके परिवार ने निर्वासित राजा और शाही लोगों के साथ मिलकर एक समूह का गठन किया। जो एक राजनीतिक संगठन के रूप में विकसित होने लगा
अशरफ गनी अहमदजई - अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति रह चुके हैं। तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद देश छोड़कर भाग गए हैं। वे अभी संयुक्त अरब अमीरात में छिपे हैं। अशरफ गनी का जन्म 19 मई 1949 को हुआ था। वे एक जाने-माने मानवविज्ञानी और अर्थशास्त्री रहे हैं। जिन्होंने 1977 में अफगानिस्तान छोड़ दिया और देश के पुनर्निर्माण के अपने सपने को पूरा करने के लिए 24 साल बाद देश लौटे थे। गनी एक पूर्व अमेरिकी नागरिक हैं जिन्होंने 2009 में अफगान राष्ट्रपति पद के लिए अपनी नागरिकता छोड़ दी थी।
उन्हें कोलंबिया और जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालयों में दशकों के शोध और शिक्षण का अनुभव है। राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने विश्व बैंक में भी काम किया। इमर्जिंग मार्केट्स ने 2003 में उन्हें एशिया का सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री घोषित किया गया था। प्रॉस्पेक्ट मैगज़ीन ने पूर्व राष्ट्रपति गनी को दुनिया का दूसरा शीर्ष विचारक भी चुना था।
रूला साडे गनी
- फोटो :
social Media
हशमत गनी अहमदजई- तालिबान को समर्थन देने वाले अशरफ गनी अहमदजई के भाई हशमत गनी अहमदजई एक राजनेता हैं। वे कुचिस के ग्रैंड काउंसिल चीफ हैं। उनका जन्म 29 अक्तूबर 1960 में हुआ। उन्होंने अफगानिस्तान, पाकिस्तान, फ्रांस, न्यूयॉर्क और वाशिंगटन, डीसी में शिक्षा हासिल की है। वे इंटरनेशनल ट्रेड और मार्केटिंग में एमबीए हैं। अफगानिस्तान में एलएलसी ग्रूप के सीईओ और संस्थापक भी रह चुके हैं। वह इंस्टीट्यूट फॉर स्टेट इफेक्टिवनेस के अध्यक्ष और अफगानिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री भी रह चुके हैं।
रूला साडे गनी- अफगानिस्तान की प्रथम महिला रहीं हैं। वह लोकप्रियता से दूर शांत जीवन पसंद करती हैं। रूला साडे गनी एक लेबनानी ईसाई हैं। 1970 के दशक में बेरूत में अमेरिकी विश्वविद्यालय में वे गनी से मिली थीं। वह 2015 में टाइम मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में थीं। अशरफ गनी और रूला साडे गनी की शादी के 46 साल पूरे हो गए हैं। गनी मानते रहे कि उनका यह रिश्ता मूल्यों और प्रतिबद्धता के विश्वास पर आधारित था। एक बार गनी ने कहा था उन्होंने मुझसे शादी करने के लिए बहुत त्याग किए हैं वरना वह बहुत भाग्यशाली होतीं।
तारिक गनी- अशरफ गनी के बेटे हैं। उनकी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह प्रोफेसर हैं और प्रिंसटन से पोस्ट-डॉक्टरेट हैं। तारिक गनी विकास अर्थशास्त्र, संगठनात्मक अर्थशास्त्र और राजनीतिक अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अफगानिस्तान, लाइबेरिया और सिएरा लियोन में अनुसंधान परियोजनाएं की हैं। तारेक ने संघर्ष की रोकथाम पर एक विश्व बैंक सामरिक और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन केंद्र और वैश्विक विकास केंद्र के साथ परामर्शकर्ता के तौर पर काम किया है। वे अमेरिका में जन्मे हैं और उनके पास अमेरिका की नागरिकता है।
रूला साडे गनी- अफगानिस्तान की प्रथम महिला रहीं हैं। वह लोकप्रियता से दूर शांत जीवन पसंद करती हैं। रूला साडे गनी एक लेबनानी ईसाई हैं। 1970 के दशक में बेरूत में अमेरिकी विश्वविद्यालय में वे गनी से मिली थीं। वह 2015 में टाइम मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में थीं। अशरफ गनी और रूला साडे गनी की शादी के 46 साल पूरे हो गए हैं। गनी मानते रहे कि उनका यह रिश्ता मूल्यों और प्रतिबद्धता के विश्वास पर आधारित था। एक बार गनी ने कहा था उन्होंने मुझसे शादी करने के लिए बहुत त्याग किए हैं वरना वह बहुत भाग्यशाली होतीं।
तारिक गनी- अशरफ गनी के बेटे हैं। उनकी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह प्रोफेसर हैं और प्रिंसटन से पोस्ट-डॉक्टरेट हैं। तारिक गनी विकास अर्थशास्त्र, संगठनात्मक अर्थशास्त्र और राजनीतिक अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अफगानिस्तान, लाइबेरिया और सिएरा लियोन में अनुसंधान परियोजनाएं की हैं। तारेक ने संघर्ष की रोकथाम पर एक विश्व बैंक सामरिक और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन केंद्र और वैश्विक विकास केंद्र के साथ परामर्शकर्ता के तौर पर काम किया है। वे अमेरिका में जन्मे हैं और उनके पास अमेरिका की नागरिकता है।
मरियम गनी
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मरियम गनी- मरियम एक दार्शनिक-कवि, कलाकार और फिल्म निर्माता हैं। वे अमेरिका में ही पैदा हुईं और उन्हें अमेरिका की नागरिकता हासिल है। अफगान नागरिकों को अपने भाग्य-भरोसे छोड़कर मरियम अमेरिका में आलीशान जिंदगी जी रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक मरियम ब्रुकलिन की क्लिंटन हिल बिल्डिंग में रहती हैं।
उन्होंने अपने अपने पिता के साथ "अफगानिस्तान: ए लेक्सिकन" नाम की पुस्तक लिखने में सहयोग किया था, जिसमें देश के 20वीं शताबदी के दौरान बार-बार पतन और पुनर्प्राप्ति के चक्र का वर्णन किया गया है। गनी ने काबुल में एक भारतीय न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि किताब पर उसका पूरा नियंत्रण था। मैं अपने जीवन में पहली बार एक जूनियर लेखक के तौर पर बेटी के साथ काम कर रहा था।
सुल्तान गनी- 31 जनवरी 1992 को जन्मे सुल्तान गनी हशमत गनी अहमदजई के बेटे हैं। वह बेहद कम उम्र में ही राजनीति में आ गए। उनके पिता, कुचिस के ग्रैंड काउंसिल चीफ हैं। गनी ने दुबई से और जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रबंधन में भी स्नातक हैं।
उन्होंने अपने अपने पिता के साथ "अफगानिस्तान: ए लेक्सिकन" नाम की पुस्तक लिखने में सहयोग किया था, जिसमें देश के 20वीं शताबदी के दौरान बार-बार पतन और पुनर्प्राप्ति के चक्र का वर्णन किया गया है। गनी ने काबुल में एक भारतीय न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि किताब पर उसका पूरा नियंत्रण था। मैं अपने जीवन में पहली बार एक जूनियर लेखक के तौर पर बेटी के साथ काम कर रहा था।
सुल्तान गनी- 31 जनवरी 1992 को जन्मे सुल्तान गनी हशमत गनी अहमदजई के बेटे हैं। वह बेहद कम उम्र में ही राजनीति में आ गए। उनके पिता, कुचिस के ग्रैंड काउंसिल चीफ हैं। गनी ने दुबई से और जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रबंधन में भी स्नातक हैं।