फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   afghanistan Nine out of 10 women are forced to face violence once in their lifetime, un expresses concern

अफगानिस्तान: 10 में से नौ महिलाएं जीवनकाल में एक न एक बार हिंसा झेलने को मजबूर, संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

Thu, 25 Nov 2021 07:39 PM IST
प्रतिभा ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Thu, 25 Nov 2021 07:39 PM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र ने महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा समाप्त करने के लिए एकजुटता का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस वजह से महिलाएं और लड़कियां देश के विकास के लिए अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रही हैं।

विज्ञापन
afghanistan Nine out of 10 women are forced to face violence once in their lifetime, un expresses concern
अफगानिस्तान में महिला - फोटो : pixabay

विस्तार

25 नवंबर को महिलाओं के खिलाफ हिंसा को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस मौके पर अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने अफगानी महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए एकजुटता और प्रतिबद्धता का आह्वान किया है। UNAMA ने एक बयान में कहा कि लिंग आधारित हिंसा महिलाओं और लड़कियों के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है और स्थायी विकास और शांति हासिल करने के रास्ते में एक बड़ी बाधा है।
विज्ञापन


यूएनएएमए ने अफगानिस्तान की महिलाओं पर आए मानवीय संकट की ओर इशारा करते हुए कहा है कि कोरोना महामारी और मानवीय संकट से महिलाओं के खिलाफ हिंसा की स्थिति और खराब हो गई है। यूएनएएमए के अनुसार, ‘अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा की दर दुनिया में सबसे अधिक है। 10 में से नौ महिलाओं ने अपने जीवनकाल में कम से कम एक प्रकार की हिंसा का अनुभव किया है’। 
विज्ञापन


महिलाओं पर हिंसा तत्काल रोकी जाए
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत डेबोरा लियोन ने कहा कि लोगों को महिलाओं के खिलाफ होने वाले हिंसा को समाप्त करने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगान महिलाओं की आवाज, उनके अनुभवों को सुनने और उनकी जरूरतों का तत्काल जवाब दिए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा “हमें महिलाओं पर होने वाले हिंसा को रोकने के लिए तत्काल कोशिश करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह इस बात पर भी जोर दिया कि हमें उन दृष्टिकोणों को बदलना चाहिए जो पीड़ितों को शर्मसार करते हैं और हिंसा का समर्थन करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


काबुल में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के अनुसार, अफगानिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हाल के प्रतिबंधों, (तालिबान राज आने के बाद) विशेष रूप से उनके काम और शिक्षा के अधिकार पर बंदिशों ने उनके खिलाफ हिंसा के स्तर को बढ़ा दिया है।


महिलाओं पर हिंसा पहले से खतरनाक स्तर पर पहुंची
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की महिला प्रतिनिधि एलिसन डेविडियन ने अपने बयान में कहा है कि “देश के अपने सहयोगियों और यहां की महिलाओं से हमें जो संदेश मिला है, वह साफ है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा जो पहले से ही खतरनाक स्तर पर थी,  मौजूदा संकट और कोरोना के कारण और बढ़ गई है। वहीं हिंसा की शिकार पीड़ित महिलाओं की जीवन बचाने वाली सेवाएं बंद हो गई हैं। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed