अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बढ़ता टकराव: अफगान सरकार का आरोप- PAK की गोलाबारी में एक की मौत, 16 घायल
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बार-बार हो रही गोलाबारी और असफल शांति प्रयासों के कारण क्षेत्र में शांति की उम्मीद फिलहाल कमजोर नजर आ रही है।
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अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रविवार को अफगान सरकार ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना ने पूर्वी अफगानिस्तान के एक शहर के बाहरी इलाकों में गोलाबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के मुताबिक पाकिस्तान का यह हमला भारी हथियारों और मोर्टार से किया गया। फितरत ने अपने बयान में यह भी बताया कि यह हमला कुनार प्रांत के असदाबाद शहर के आसपास हुआ। इसमें कई घरों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इस आरोप पर पाकिस्तान की ओर से तुरंत कोई जवाब नहीं आया है।
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अब समझिए क्यों बढ़ रहा है विवाद?
बता दें कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकियों को पनाह देता है, खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी)) को। यह संगठन अफगान तालिबान से जुड़ा माना जाता है, जिसने 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता संभाली थी। दूसरी ओर अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है।
अब समझिए हाल के महीनों में क्या हुआ?
कई महीनों से दोनों देशों के बीच जारी गहमागहमी के बाद फरवरी से दोनों देशों के बीच लड़ाई तेज हुई है, जो दशकों में सबसे गंभीर मानी जा रही है। इस दौरान दोनों देशों की ओर से कई बार सीमा पार हमले और हवाई हमले हुए हैं। अफगानिस्तान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने काबुल में एयरस्ट्राइक की, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए, हालांकि पाकिस्तान ने इसे खारिज किया। दूसरी ओर पिछले महीने पाकिस्तान ने इसे खुला युद्ध जैसा बताया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है क्योंकि इस क्षेत्र में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन सक्रिय हैं।
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संघर्ष रोकने की नाकाम कोशिश
गौरतलब है कि हाल ही में सऊदी अरब, तुर्किये और कतर की मध्यस्थता से ईद-उल-फितर से पहले एक अस्थायी युद्धविराम हुआ था, लेकिन वह खत्म हो गया और फिर से लड़ाई शुरू हो गई। ये शांती वार्ता नवंबर में इस्तांबुल में हुई थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
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