इमरान खान को अफगानिस्तान का जवाब: मानवता के प्रति इतने क्रूर नहीं होते सामान्य नागरिक
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि तालिबानी सामान्य नागरिक हैं। उनकी इस टिप्पणी पर भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फलीग ममुंदजे ने शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी।
विस्तार
अफगानिस्तान के राजदूत ने शुक्रवार को पाकिस्तान को तालिबान और आतंकवाद के मुद्दे पर आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि किसी भी नजरिए से हम तालिबान को सामान्य नागरिक कह सकते हैं। मैं मानता हूं कि सामान्य लोग इस तरह के अपराध नहीं करते। उन्होंने कहा कि सामान्य लोग मानवता के प्रति इतने क्रूर नहीं होते। बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तालिबानियों को सामान्य नागरिक बताने वाली टिप्पणी की काफी आलोचना हो रही है।
वहीं, चीनी अधिकारियों और तालिबाक की मुलाकात को लेकर फरीद ने कहा कि चीन भी आतंकवाद से पीड़ित रहा है और अगर अफगानिस्तान में आतंकी सक्रिय रहे तो वह आगे भी इससे ग्रस्त रहेगा। हम चाहते हैं कि भारत और चीन जैसे बड़े देशों समेत क्षेत्र के सभी लोग तालिबान को कड़ा संदेश दें।
I think with no standards we can call the Taliban, ordinary citizens. I think common people don’t commit crimes that are justified. They'll not be cruel to humankind: Afghan Ambassador to India, Farid Mamundzay on Pak PM's remark that 'Taliban are normal civilians' pic.twitter.com/Vzr1nlTizG
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 30, 2021
फरीद ममुंदजे ने आगे कहा कि वर्तमान समय में भारत की ओर से से किसी तरह की सैन्य मदद मिलने को लेकर कोई वार्ता नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हमें संयुक्त राज्य अमेरिका और कई नाटो सदस्य देशों से पर्याप्त सहायता मिल रही है।
China also suffered from terrorism &would continue to suffer if terrorist groups remain operational in Afghanistan. We want all countries in the region, particularly major countries like China & India to give strong msg to Taliban: Afghan Envoy on Chinese officials & Taliban meet pic.twitter.com/SoXmG2UCMS
— ANI (@ANI) July 30, 2021
बता दें कि गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बयान में कहा था कि अफगानिस्तान में हालात के लिए इस्लामाबाद को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान तालिबान का प्रवक्ता नहीं है और अमेरिका व उसके सहयोगियों के सैनिकों की वापसी के बाद यहां हालात और खराब हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में जो भी रहेगा उसके साथ पाकिस्तान के अच्छे संबंध होंगे।