फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Afghan interpreters for british military have been detained for questioning by Pakistani intelligence officer

आतंक का खौफ: तालिबान के डर से भाग रहे पूर्व अफगानी दुभाषिए को पाकिस्तानी जासूसों ने घेरा, की गई कड़ी पूछताछ

Mon, 01 Nov 2021 02:21 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 01 Nov 2021 02:21 PM IST
सार

तालिबान के डर से भार रहे ब्रिटिश सेना के लिए काम करने वाले अफगान दुभाषियों को पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों द्वारा सीमा पर घेरकर हिरासत में ले लिया गया। 

विज्ञापन
Afghan interpreters for british military have been detained for questioning by Pakistani intelligence officer
तालिबान (फाइल) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

तालिबान के डर से भार रहे ब्रिटिश सेना के लिए काम करने वाले पूर्व अफगान दुभाषियों को पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों द्वारा सीमा पर घेरकर हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद अब इन सभी से कड़ी पूछताछ की गई।पूर्व अफगानी दुभाषियों ने कहा कि उन्हें सीमा पार करते समय  पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने रोककर कड़ी पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने कई गुप्त जानकारियां लेने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इन सभी खुफिया अधिकारियों का  तालिबान से संबंध था। अफगानी दुभाषियों ने कहा कि पूछताछ के दौरान ऐसा लग रहा था कि पाक के खुफिया अधिकारी तालिबान के लिए ही काम करते हैं।

विज्ञापन


सच्चाई बयां करने से कई नागरिकों की जान खतरे में पड़ जाती
दुभाषिए ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे जिस प्रकार की जानकारी की तलाश कर रहे हैं, वह तालिबान के लिए उन परिवारों की तलाश में काफी काम आ सकती है जो अब भी छिपे हुए हैं और बदला लेने की धमकी का सामना कर रहे हैं। एक पूर्व वरिष्ठ अनुवादक, शरीफ करीमी ने आपबीती सुनाते हुए कहा था कि यह डराने वाला था। मुझे बताया गया कि यह कुछ ऐसा है जो मुझे करना है नहीं तो मुझे अपने परिवार के साथ नहीं जाने दिया जाएगा। 
विज्ञापन


अक्तूबर में अफगानी दुभाषिए अमन खलीली ने छोड़ दिया था देश
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन साल 2008 में सांसद रहते वक्त जब अमेरिकी सेना के हेलिकाप्टर में बैठे थे तब एक बर्फीले तूफान के कारण उन्हें वहीं घाटी में उतरना पड़ा था। यह घाटी सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील थी और तब एक अफगानिस्तानी दुभाषिए अमन खलीली ने सभी अमेरिकी सांसदों की सुरक्षित वापसी में मदद की। लेकिन अब उसी अमन खलीली को अपनी जान बचाने के लिए देश छोड़ना पड़ा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed