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Afghanistan: अफगानियों के निर्वासन से अफगान सरकार नाराज, कहा- यह काबुल का अपमान है

Wed, 08 Nov 2023 03:37 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काबुल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 08 Nov 2023 03:37 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग ने बड़ी संख्या में पाकिस्तान से निर्वासित हुए अफगानों को लेकर चिंता जाहिर की है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 1,74,000 लोग पाकिस्तान के तोरखम, घोलमखान और अंगूर अदा इलाके से अफगानिस्तान पहुंचे तो वहीं 45 हजार अफगान चमन-स्पिनबोल्डक क्रॉसिंग से पाकिस्तान आए हैं।

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Afghan government angry with deportation of Afghans says this is insult of Kabul
Afghanistan Pakistan Flag - फोटो : Shutterstock

विस्तार

अफगानिस्तान ने एक बार फिर पाकिस्तान पर हमला किया है। अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान ने अपने देश से प्रवासी अफगानियों को निकालकर काबुल का अपमान किया है। बता दें, पाकिस्तान ने शरणार्थी अफगानियों को निकाल दिया है और उनके आवासों पर बुलडोजर चला दिया है, जिससे अफगानिस्तान खफा है।

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इस्लामाबाद के आगे दबाव में नहीं झुकेंगे
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय को हमने अपनी समस्या बताई, बावजूद इसके उन्होंने अफगानियों के निर्वासन को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। हमारे कहने के बाद भी अफगानियों को निकालना काबुल का अपमान है। इस्लामाबाद काबुल पर दबाव बनना चाहता है लेकिन काबुल झुकेगा नहीं।

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संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
बता दें, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग ने बड़ी संख्या में पाकिस्तान से निर्वासित हुए अफगानों को लेकर चिंता जाहिर की है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 1,74,000 लोग पाकिस्तान के तोरखम, घोलमखान और अंगूर अदा इलाके से अफगानिस्तान पहुंचे तो वहीं 45 हजार अफगान चमन-स्पिनबोल्डक क्रॉसिंग से पाकिस्तान आए हैं।

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पाकिस्तान की अंतरिम सरकार का एकतरफा फैसला
इससे पहले, अफगानिस्तान के कार्यवाहक उप विदेश मंत्री शेर मोहम्मद अब्बास स्टानिकजई ने इस्लामाबाद को प्रवासी अफगानों के साथ उचित व्यवहार करने की चेतावनी दी थी। स्टैनिकजई ने अफगानिस्तान के भविष्य के आर्थिक विकास पर आयोजित बैठक के दौरान कहा था कि अफगानिस्तान के पास एक मजबूत रक्षा बल और हथियार हैं। अफगानियों को निर्वासित करना पाकिस्तान की अंतरिम सरकार का एकतरफा फैसला था। 

तालिबान के कब्जे में अफगानिस्तान
अफगानिस्तान फिलहाल तालिबान के कब्जे में है। तालिबान के सत्ता पर कब्जा करने के बाद अमेरिकी सरकार ने हजारों अफगानों को निकाला जो उनके लिए काम कर चुके थे और तालिबान के हाथों प्रतिशोध की आशंका थी। कथित तौर पर, इन अफगान नागरिकों को पाकिस्तान में अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा, जिससे अमेरिकी अधिकारियों ने इस मुद्दे को हल करने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों से बात की। 


 
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